महरौली से नवनिर्वाचित आप विधायक नरेश यादव के काफिले पर हुए हमले की गुत्थी को दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने सुलझा लिया है। हमला विधायक पर नहीं, उनके साथ कार में सवार अशोक मान (45) पर आपसी रंजिश के चलते किया गया था। पुलिस ने एक हमलावर धर्मवीर उर्फ कालू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो भाइयों की तलाश की जा रही है। दोनों पक्ष किशनगढ़ गांव के रहने वाले हैं। बुधवार को पुलिस ने अशोक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर धर्मवीर को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11:16 बजे फोर्टीज अस्पताल से सूचना मिली थी कि गोली लगे दो घायलों को उनके यहां भर्ती कराया गया है। किशनगढ़ थानाध्यक्ष राजेश मौर्या अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि किशनगढ़ गांव निवासी अशोक मान की पांच गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल हरेंद्र को दो गोली लगी हैं। दोनों ही विधायक के साथ ओपन कार में खड़े थे। घटना के समय अशोक मान का भतीजा हरेंद्र भी विधायक के पीछे दूसरी कार में था। उसकी शिकायत पर किशनगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया है।
हरेंद्र का आरोप है कि किशनगढ़ निवासी धर्मवीर उर्फ कालू व उसके दो भाई सोमराज उर्फ धामी और देवेंद्र उर्फ देव मौके पर पहुंचे। आते ही धर्मवीर ने अशोक मान पर फायरिंग कर दी। डीसीपी देवेंद्र आर्या ने बताया कि धर्मवीर उर्फ कालू को बी-2, वसंतकुंज से बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। सोमराज और देवेंद्र की तलाश की जा रही है। मामले में कोई राजनीतिक एंगल नहीं है और न ही विधायक पर हमला हुआ है।
हमले की ये है वजह
एडीसीपी ने बताया दोनों परिवार एक ही कुटुंब के हैं। कई साल से इनके बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। 2019 में दीवाली वाले दिन किशनगढ़ गांव में आतिशबाजी को लेकर संजय मेहलावत व प्रशांत मेहलावत के बीच झगड़ा हो गया था। उस समय ग्रामीणों ने झगड़ा शांत करा दिया था। 11 नवंबर 2019 को देवेंद्र उर्फ देव के बेटे जिम ट्रेनर प्रशांत को पैर में गोली मार दी थी। धर्मवीर उर्फ कालू को संदेह था कि संजय ने प्रशांत को गोली गांव के ही अशोक मान के कहने पर मारी है। अशोक मान ही मुख्य साजिशकर्ता है। इस बात से आरोपी पक्ष नाराज था। वहीं, 2004 में कालू ने ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय शुरू किया तो अशोक मान के परिवार ने भी ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय शुरू कर दिया था। दोनों परिवार एक-दूसरे को नीचा दिखाना चाहते थे।
मंगलवार को मिल गया मौका
नवनिर्वाचित विधायक नरेश यादव जीत के बाद रात को अशोक मान के घर गए थे। रात करीब 11 बजे अशोक मान विधायक को उसके घर छोड़ने जा रहा था। इस दौरान धर्मवीर ने अशोक पर करीब आठ राउंड फायरिंग कर दी। उस समय ओपन कार में विधायक समेत करीब सात लोग सवार थे।
लापरवाही का आरोप
अशोक मान के भाई सुरेश ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सुरेश का कहना था कि पुलिस कोई सहायता नहीं कर रही है। फरार आरोपी अभी तक नहीं पकड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने बोरिंग से पानी की पाइप लाइन बिछाने को लेकर दोनों परिवारों के बीच कहासुनी हुई थी। धर्मवीर उर्फ कालू ने हवाबाजी में उसके भाई की हत्या की है।