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Delhi-Meerut Expressway: 15 अगस्त से बदलेगी गति सीमा, शुरू होगा देश का पहला वैरिएबल स्पीड लिमिट प्रोजेक्ट

Thu, 06 Aug 2026 02:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

पहले चरण में यह व्यवस्था अक्षरधाम से सराय काले खां के बीच लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य ट्रैफिक दबाव कम करना, वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
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नई गति सीमाएं आईआईटी रुड़की और केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के ट्रैफिक अध्ययन के आधार पर तय की गई हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 15 अगस्त से देश का पहला वैरिएबल स्पीड लिमिट (वीएसएल) पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। पहले चरण में यह व्यवस्था अक्षरधाम से सराय काले खां के बीच लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य ट्रैफिक दबाव कम करना, वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

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नई गति सीमाएं आईआईटी रुड़की और केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के ट्रैफिक अध्ययन के आधार पर तय की गई हैं। योजना के तहत दिन के अलग-अलग समय पर कारों और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग गति सीमा लागू रहेगी। रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक कारों की अधिकतम गति 65 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों की 50 किमी प्रति घंटा होगी। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कारों के लिए गति सीमा 55 किमी प्रति घंटा तथा भारी वाहनों के लिए 45 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वहीं, शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक कारें अधिकतम 60 किमी प्रति घंटा और भारी वाहन 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे।

प्रभावी होने पर अन्य मार्गों पर भी लागू होगी व्यवस्था
योजना के तहत अक्षरधाम और पांडव नगर फुटओवर ब्रिज पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जो समय के अनुसार लागू गति सीमा प्रदर्शित करेंगे। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से निर्धारित सीमा से अधिक गति पर चलने वाले वाहनों के चालान किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना फिलहाल पायलट आधार पर लागू होगी। तीन महीने बाद इसके परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि यह व्यवस्था प्रभावी साबित होती है, तो इसे एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों और देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी लागू किया जा सकता है।

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