पिछले वर्ष इस वर्ष के बजट में स्कूलों और विद्यार्थियों से जुड़े जिन प्रमुख मदों में राशि निर्धारित की थी। इसके तहत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मद में 50 लाख रुपये, छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति मद में एक करोड़ रुपये, स्कूलों में घास व पौधे लगाने के मद में 10 लाख रुपये, स्कूल बैंड मद में सात लाख रुपये, कक्षा एक से तीन तक के छात्रों के लिए बैग मद में चार लाख रुपये, गरीब बच्चों के लिए मुफ्त किताबें मद में 50 लाख रुपये, अध्ययन यात्रा व भ्रमण मद में 20 लाख रुपये, बच्चों को वर्दी वितरण मद में 50 लाख रुपये, पांचवीं कक्षा की सामान्य परीक्षा मद में चार लाख रुपये, जरूरतमंद बच्चों के लिए चश्मा मद में 10 लाख रुपये, स्कूलों में जल संचय मद में 30 लाख रुपये, मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति मद में 10 लाख रुपये थे।
स्कूल डायरी मद में 50 लाख रुपये, छात्रों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का रखरखाव मद में 50 लाख रुपये, खेल केंद्रों में सुधार व उपकरण मद में 20 लाख रुपये, बाल दिवस, बसंत मेला व अन्य उत्सव मद में 10 लाख रुपये, खेल व शारीरिक प्रतियोगिताएं मद में 10 लाख रुपये का प्रावधान किया था, लेकिन एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया और अगले साल के बजट में इन मदों में इतनी ही राशि का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छात्रों के लिए डेस्क और फर्नीचर मद में एक करोड़ रुपये तय किए थे, जिसे संशोधित बजट में शून्य किया गया, जबकि अगले वर्ष फिर 50 लाख का प्रावधान कर दिया।