दिल्ली के तीनों नगर निगम के मेयर पद के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही भाजपा पार्षदों के बीच घमासान मच गया है।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम में पार्टी के पार्षद दो खेमों में बंट गए हैं। एक खेमे ने चेतावनी है कि उनकी पसंद के पार्षद को मेयर पद का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर चुनाव में पार्टी की हार हुई तो वे जिम्मेदार नहीं होंगे।
दक्षिणी दिल्ली के नजफगढ़ और पश्चिम जोन के भाजपा पार्षद अपने चहेते प्रदीप कुमार के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।
हो रही है जबर्दस्त खींचतान
प्रदीप कुमार ने पार्टी से कहा है कि बहुमत के अभाव में उनके प्रयासों से ही दो बार से भाजपा मेयर और अन्य पदों पर जीत हासिल कर रही है।
इसलिए इस बार मेयर पद उनकी पसंद के पार्षद को दिया जाए। दूसरे खेमे ने पार्षद खुशीराम का नाम आगे कर रखा है।
उत्तरी दिल्ली में मेयर पद के लिए मौजूदा डिप्टी मेयर पूर्णिमा विद्यार्थी, स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र चंदोलिया और शिक्षा समिति के अध्यक्ष रामकिशन बंशीवाल के बीच खींचतान है।
इसी महीने होने हैं चुनाव
चंदोलिया उत्तर पश्चिम सीट से सांसद का टिकट नहीं मिलने की दुहाई देकर उम्मीदवार बनने की कोशिश में हैं, जबकि पूर्णिमा तर्क दे रही हैं कि इस साल भी डिप्टी मेयर को मेयर पद दिया जाए।
पूर्वी दिल्ली में मेयर पद के लिए रामकुमार ढिल्लो और बलवीर सिंह दावेदारी कर रहे हैं। इस बार तीनों नगर निगम में मेयर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर व डिप्टी मेयर पद का चुनाव 28 अप्रैल को होगा, जबकि पूर्वी दिल्ली व दक्षिणी दिल्ली निगम में चुनाव 29 अप्रैल को होना है।