-हर्बल गुलाल और कस्टमाइज्ड पिचकारियों की मांग बढ़ी, सदर बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़
हर्बल और ऑर्गेनिक गुलाल की मांग में बढ़ोतरी, थोक बाजारों में व्यापारियों को बेहतर बिक्री की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। रंगों का पावन त्योहार होली नजदीक है। दिल्ली के बाजारों में रौनक चरम पर है। पुरानी दिल्ली से लेकर पश्चिमी और पूर्वी दिल्ली तक हर प्रमुख बाजार गुलाल, पिचकारी और सजावटी सामान से सज गए हैं। सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ती है जो कि देर रात तक चलती है। बाहर के राज्यों से भी लोग सामान खरीदने पहुंच रहे हैं।वहीं बाजार में बच्चों में रंग-बिरंगी पिचकारियों को लेकर खास उत्साह है, जबकि बड़े लोग गुलाल और गिफ्ट पैक खरीद रहे हैं। खासतौर पर सदर बाजार में सबसे ज्यादा चहल-पहल देखने को मिल रही है, जहां थोक और खुदरा दोनों ग्राहकों की भीड़ लगी है। सबसे ज्यादा रौनक पुरानी दिल्ली के प्रसिद्ध थोक बाजार सदर बाजार में दिखाई दे रही है। एशिया के बड़े थोक बाजारों में गिने जाने वाले इस बाजार में रंग, अबीर, गुलाल, पिचकारी, मुखौटे, टोपी और होली से जुड़े सजावटी सामान की सैकड़ों दुकानें सजी हुई हैं। यहां थोक व्यापारियों के साथ-साथ आम ग्राहक भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक, इस बार बिक्री पिछले साल के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।
कस्टमाइज्ड पिचकारियों की अधिक मांग
बाजार में पारंपरिक पिचकारियों के साथ-साथ आधुनिक और कस्टमाइज्ड पिचकारियों की जबरदस्त मांग है। बच्चों के लिए कार्टून किरदारों और सुपरहीरो डिजाइन वाली रंग-बिरंगी पिचकारियां उपलब्ध हैं, जो उन्हें बेहद आकर्षित कर रही हैं। वहीं युवाओं के लिए हाई-प्रेशर वाटर गन, टैंक वाली बड़ी पिचकारियां और एलईडी लाइट से सजी पिचकारियां बाजार में खास पसंद की जा रही हैं। कीमतों की बात करें तो साधारण प्लास्टिक पिचकारी 50 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये तक मिल रही है। वहीं प्रीमियम क्वालिटी और मेटल बॉडी पिचकारियों की कीमत 800 से 1500 रुपये तक है। सदर बाजार के दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया कि इस बार बाजार में काफी अच्छी भीड़ है। स्कूलों और कॉलोनियों में होली मिलन समारोह होने के कारण बच्चों की खरीदारी ज्यादा हो रही है। हमें पिछले साल से बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
हर्बल और स्वदेशी गुलाल की बढ़ी मांग
रासायनिक रंगों से त्वचा को होने वाले नुकसान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि इस बार हर्बल और ऑर्गेनिक गुलाल की मांग में साफ बढ़ोतरी देखी जा रही है। चंदन, गुलाब, हल्दी और कुमकुम से बने प्राकृतिक रंग 100 से 400 रुपये प्रति पैकेट तक बिक रहे हैं। दुकानदार संजू ने बताया कि ग्राहक अब स्किन फ्रेंडली और इको फ्रेंडली उत्पाद ज्यादा पूछ रहे हैं। मेड इन इंडिया और लोकल ब्रांड की मांग बढ़ी है। लोग सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन ऑर्डर भी बढ़े
व्यापारियों के अनुसार, इस बार ऑनलाइन बिक्री में भी अच्छा इजाफा हुआ है। कई दुकानदार व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिये ऑर्डर ले रहे हैं। हालांकि बड़ी संख्या में ग्राहक अब भी बाजार में आकर खुद सामान देखना और खरीदना पसंद करते हैं। व्यापारी संगठन के पदाधिकारी अशोक ने बताया कि, होली के सप्ताह भर में दिल्ली में सैकड़ों करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। खरीदारी करने आई निशा ने बताया कि होली हमारे लिए परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां बांटने का त्योहार है।