दिल्ली में भाजपा- इंडी गठबंधन के बीच था मुख्य मुकाबला
दिल्ली में सात संसदीय सीट पर इंडी गठबंधन और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला है। गठबंधन के तहत चार सीट पर आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ी। वहीं कांग्रेस पार्टी के तीन उम्मीदवारों ने चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। वहीं भाजपा ने सातों सीट पर चुनाव लड़ रही है। शनिवार देर शाम होते ही एग्जिट पोल पर सबकी नजरें टिक गई। सातवें चरण के मतदान खत्म होने के बाद इस पोल में किसका पलड़ा भारी है और जीत हो सकती है इसका अंदाजा लगाया जाता है। हालांकि सत्ता के संग्राम में यह महज एक पूर्वानुमान माना जाता है।
एग्जिट पोल में भाजपा की बांछे खिली
देर शाम आए एग्जिट पोल से भाजपा की बांछे खिली हुई है वहीं इंडी गठबंधन भी हार स्वीकारने को फिलहाल तैयार नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 4 जून को दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दिल्ली की सातों सीट पर जीत का दावा भी गठबंधन के नेताओं ने किया है। उधर भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचारियों के तालमेल को दिल्ली वालों ने नकार दिया है।
दिल्ली में दोस्त और पंजाब में अलग आप और कांग्रेस
पंजाब में आप व कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे थे और दिल्ली में दोस्त बने हुए थे, यह दिल्ली की जनता भली भांति जानती थी। यहीं वजह है कि उन्हें जनता ने पूरे तरीके से नकार दिया है। खास झटका तो कन्हैया कुमार को लगने वाला है जिस पर कांग्रेस पार्टी ने पूरा दांव लगाया था। अगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
एग्जिट पोल पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की टिप्पणी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के इंडी गठबंधन को दिल्ली एवं देशवासियों ने नकार दिया है। 2024 का चुनाव प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की दस वर्षीय उपलब्धियों का चुनाव था और पूरे देश ने एक मत से फिर से मोदी सरकार को चुना है। एग्जिट पोल से अच्छा नतीजा 4 जून को दिखेगा।
महज भविष्यवाणी है एग्जिट पोल
4 जून को लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम नतीजे घोषित होंगे। एग्जिट पोल के माध्यम से नतीजे की भविष्यवाणी की गई। इस पूर्वानुमानों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब इस तरह का पोल गलत साबित हुआ है। हालांकि इस भविष्यवाणियों के माध्यम से देश के मूड को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है।