केंद्रीय सतर्कता आयोग की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगमों जैसे राष्ट्रीय राजधानी के स्थानीय निकायों, रेलवे और बैंकों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक आयोग के पास बीते साल इन विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की सबसे अधिक शिकायतें आई हैं।
सीवीसी को 2019 में कुल मिलीं 81,494 भ्रष्टाचार की शिकायतों में सबसे अधिक 16,291 दिल्ली स्थानीय निकायों की थीं, इनमें दिल्ली सरकार से जुड़ी शिकायतें शामिल नहीं हैं। इसके अलावा 11,797 शिकायतें रेलवे कर्मचारियों और 8,877 शिकायतें बैंक कर्मियों के खिलाफ भेजी गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के स्थानीय निकायों की 16,291 शिकायतों में से 14,290 का निस्तारण हो चुका है और 2001 अब भी लंबित हैं। इनमें 1748 शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार को पिछले साल 5,550 भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं, जिनमें 4920 का निस्तारण किया गया और 630 लंबित हैं। इसी तरह रेलवे को मिलीं कुल 11,797 शिकायतों में से 10,502 का निस्तारण हुआ और 1,295 शिकायतें लंबित हैं। उधर, बैंकों में आईं 8877 शिकायतों में 7,721 का निस्तारण हुआ और 1,156 लंबित हैं।