पुरानी नीति में छोटी सी दुकान में भी शराब की बिक्री की जा रही थी। नई नीति में महज तीन दिन ही ड्राई डे था यानी दुकानें साल में तीन दिन बंद करने की अनुमति थी। पुरानी नीति में साल में 21 दिन ड्राई डे था। नई नीति के तहत शराब बिक्री केंद्र को एमआरपी पर छूट देने की अनुमति थी। जबकि पुरानी नीति में ऐसा नहीं था। देशी व विदेशी ब्रांडों पर भी कई तरह की छूट सरकार ने दी थी। नई नीति के तहत पिंक बुथ खोलने की अनुमति दी गई थी ताकि महिलाएं शराब का सेवन कर सकें। रेस्टोरेंट व बार को शराब बिक्री केंद्र से ही शराब खरीदने की अनुमति थी। कई तरह के लाइसेंस लेने में छूट दी गई है।
नई नीति लागू होने से होटलों के बार, क्लब्स और रेस्टोरेंट्स को रात तीन बजे तक खोलने की छूट दी गई थी, जबकि पुरानी नीति के तहत 11-12 बजे रात तक ही खुलेंगे। छत पर भी शराब नहीं परोस सकेंगे। शराब पीने का उम्र फिर से 25 साल हो जाएगी। एक बोतल पर एक बोतल मुफ्त का ऑफर नहीं मिलेगा।एमआरपी पर ही शराब मिलेगी।