राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स (सीडीवी) की तैनाती को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने दिल्ली सरकार से बस मार्शलों के मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाने के लिए कहा है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उपराज्यपाल ने एक नवंबर, 2024 से 28 फरवरी, 2025 तक चार महीने के लिए सीडीवी की तैनाती को मंजूरी दी है। उपराज्यपाल ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश पर 1 नवंबर, 2023 से सभी सीडीवी की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि इस योजना में बस मार्शलों की भूमिका और सेवा शर्तों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए जिसमें बस मार्शलों के पदों और इसके लिए बजटीय प्रावधान किया जाए।
उधर, दिल्ली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से बस मार्शलों की तत्काल बहाली की उपराज्यपाल से सिफारिश की है। बस मार्शलों के लिए योजना बनाना सर्विसेज के साथ कानून-व्यवस्था का मसला है, इस वजह से बस मार्शलों के लिए योजना बनाने का अनुरोध किया गया है। दिल्ली कैबिनेट ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली सरकार को लिखित में दिया है कि बस मार्शलों के लिए पॉलिसी बनाने का अधिकार केवल एलजी के पास है। एलजी को पॉलिसी बनाने में कई महीने या साल लग सकते हैं, इस वजह से दिल्ली कैबिनेट ने जो बस मार्शल जहां तैनात थे, वहीं पर तत्काल बहाल करने का आग्रह किया है। दिल्ली सरकार बस मार्शलों पर आने वाले सभी तरह के वित्तीय खर्च को उठाने के लिए तैयार है।
केजरीवाल ने सीडीवी की सेवाएं समाप्त करने की थी सिफारिश : वीके सक्सेना
वीके सक्सेना ने कहा कि बीते दो सप्ताह से वायु गुणवत्ता बेहद खराब है। ऐसे में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की जरूरत है। उपराज्यपाल ने कहा कि केजरीवाल ने अक्तूबर 2023 में उनसे सिफारिश की थी कि संख्या निर्धारित होने तक सीडीवी की सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। केजरीवाल के पत्र का जवाब देते हुए उन्होंने सुझाव दिया था कि आपदा संबंधी कार्यों के लिए राजस्व विभाग (यानी जिलों और मुख्यालयों) में सीडीवी एक मुख्य ताकत को बनाए रखा जाए। साथ ही उन्होंने सीडीवी के रोजगार संबंधी चिंताओं का मुद्दा भी उठाया था। हालांकि, सरकार की ओर से सितंबर, 2024 तक सीडीवी की तैनाती के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ था।