दिल्ली के उपराज्यपाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजधानी में कूड़ा प्रबंधन के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा। अदालत ने दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन के मसले को गंभीर बताते हुए कहा कि कमेटी को रोजाना इस मसले पर बैठक करनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
उपराज्यपाल के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद और अमाइकस क्यूरी कॉलिन गोंजाल्विस ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कुछ नाम सुझाए। पिंकी आनंद ने कहा कि कमेटी में ऐसे लोगों को कतई नहीं शामिल किया जाएगा, जिनका व्यावसायिक हित जुड़ा हो। जिन नामों को सुझाया गया है, उनमें आरडब्ल्यूए के सदस्य भी हैं।
पीठ ने कहा कि कमेटी की बैठक रोजाना होनी चाहिए। कमेटी के सदस्यों को विभिन्न जगहों पर जाकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और समस्या का हल खोजना चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि कमेटी के सदस्यों के लिए दिल्ली से बाहर के लोगों के नाम भी सुझाए गए हैं। ऐसे में क्या वे रोजाना होने वाली बैठक में शामिल हो पाएंगे? 20 लोगों के लिए दफ्तर के लिए भी जगह चाहिए।