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दिल्ली में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक, सिसोदिया बोले- अब होगा इंसाफ

Fri, 25 Aug 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली अधीनस्थ चयन सेवा बोर्ड (डीएसएसएसबी) को निर्देश दे दिए गए हैं। इस बारे में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि अब अतिथि शिक्षकों को इंसाफ मिलेगा। सरकार का कहना था कि अतिथि शिक्षकों को आयु में छूट मिलने के साथ अनुभव को भी तरजीह मिलनी चाहिए।   
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इससे पहले करीब 15 दिन पहले डीएसएसएसबी ने 14,820 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। इच्छुक अभ्यर्थी 25 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे। इस भर्ती में दिल्ली सरकार के स्कूलों में ठेका या अतिथि शिक्षक के अलावा सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम करने वालों को उम्र सीमा में छूट का भी प्रावधान था। लेकिन ठेके पर काम करने वाले शिक्षकों के अनुभव को वरीयता नहीं दी गई थी। दिल्ली सरकार को इसी मसले पर एतराज था।      

उपराज्यपाल की तरफ से निकाली गई भर्तियों पर दिल्ली सरकार ने एतराज जताया था। सरकार का कहना था कि अतिथि शिक्षकों को उम्र में छूट देने के साथ उनके तजुर्बे को भी वरीयता देनी चाहिए। मसला दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में भी उठा था। 
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जवाब में मनीष सिसोदिया ने विज्ञापन को शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार की तरफ से हो रहे कामों को पटरी से उतारने की साजिश करार दिया था। वहीं, विधानसभा ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया रोकने का एक प्रस्ताव भी पारित किया था।  
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डायरेक्टर ऑफ एजूकेशन ने डीएसएसएसबी को लिखी थी चिट्ठी

मनीष स‌िसोद‌िया - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद डायरेक्टर ऑफ एजूकेशन ने इस मसले पर एक पत्र डीएसएसएसबी को लिखा। इसके आधार पर उपराज्यपाल ने भर्ती प्रक्रिया रोकने का फैसला लिया। दिलचस्प यह कि उपराज्यपाल के इस आदेश की जानकारी खुद मनीष सिसोदिया ने दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा की तरफ से पारित प्रस्ताव पर उपराज्यपाल ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही उम्मीद भी जताई कि नये विज्ञापन में अतिथि शिक्षकों को इंसाफ मिलेगा।  

कानून विभाग की सलाह ले रहा राजनिवास 
राजनिवास से जुड़े सूत्र बताते हैं कि भर्ती प्रक्रिया पर कानून विभाग की सलाह ली जा रही है। विभाग से पूछा गया है कि विधानसभा से पारित प्रस्ताव का भर्ती प्रक्रिया पर कितना असर पड़ेगा। विभाग की तरफ से मिले सुझावों के आधार पर ही आगे इस मसले पर कार्रवाई होगी। सूत्रों की मानें तो कोशिश यही है कि भर्ती प्रक्रिया कानूनी अड़चनों में न उलझने पाए।  
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