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Delhi: प्रदूषण पर एलजी और आप फिर आमने-सामने, उपराज्यपाल ने 15 पन्नों के पत्र में केजरीवाल पर लगाए संगीन आरोप

Wed, 24 Dec 2025 01:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 पन्नों का सख्त और विस्फोटक पत्र लिखकर न सिर्फ उनकी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक स्तर पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है।
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल) - फोटो : एक्स / अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में वायु प्रदूषण की निरंतर गंभीर स्थिति के बीच राजनीति एक बार फिर टकराव के मोड़ पर आ गई है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 पन्नों का सख्त और विस्फोटक पत्र लिखकर न सिर्फ उनकी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक स्तर पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। एलजी ने केजरीवाल पर दोहरे चरित्र, सफेद झूठ और 11 वर्षों की आपराधिक निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से आज दिल्ली गैस चैंबर बन चुकी है।

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पत्र का सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल का मोबाइल नंबर तक ब्लॉक कर दिया। सक्सेना ने लिखा कि वे कई मुद्दों पर सीधे बातचीत करना चाहते थे, लेकिन न तो मुलाकात संभव हुई और न ही फोन पर संपर्क। इसी संदर्भ में उन्होंने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए लिखा, मिलना-जुलना जहां जरूरी हो, मिलने-जुलने का हौसला रखना। वहीं एलजी ने पत्र के अंत में शेर के जरिए केजरीवाल को आईना दिखाने की कोशिश की। कहा, जब किसी से कोई गिला रखना, सामने अपने आईना रखना। सक्सेना ने यह भी कहा कि वे यह पत्र नहीं लिखना चाहते थे, लेकिन जनता के सामने बनाई गई झूठी छवि को तोड़ना जरूरी था।

प्रदूषण को मीडिया ड्रामा बताने का आरोप
एलजी ने पत्र में एक निजी बातचीत का हवाला देते हुए दावा किया कि जब उन्होंने केजरीवाल से दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई थी, तो जवाब मिला, सर यह हर साल होता है और 15-20 दिन मीडिया शोर मचाती है, एक्टिविस्ट और अदालतें सक्रिय हो जाती हैं, फिर सब भूल जाते हैं। आप भी ज्यादा ध्यान मत दीजिए। सक्सेना ने इसे दिल्ली की जनता के प्रति घोर संवेदनहीनता बताया और कहा कि इसी सोच ने राजधानी को सांस लेने लायक भी नहीं छोड़ा।
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11 साल में एक भी नया अस्पताल नहीं!
पत्र में एलजी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उनका दावा है कि 11 वर्षों में केजरीवाल सरकार दिल्ली को एक भी नया अस्पताल नहीं दे सकी। जब अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए 600 करोड़ रुपये की जरूरत थी, तो उसे ठुकरा दिया गया। इसके उलट, केवल विज्ञापनों पर पांच साल में करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। शॉपिंग फेस्टिवल का उदाहरण देते हुए एलजी ने कहा कि फेस्टिवल हुआ ही नहीं, लेकिन उसके प्रचार पर 8.12 करोड़ रुपये बहा दिए गए।

यमुना, कूड़े के पहाड़ और जमीनी हकीकत से दूरी
सक्सेना ने आरोप लगाया कि 11 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद केजरीवाल कभी भलस्वा, गाजीपुर या ओखला के कूड़े के पहाड़ देखने नहीं गए। यमुना की सफाई सिर्फ राजनीतिक नारा बनकर रह गई। सीवर लाइनें और नाले एक दशक से साफ नहीं हुए, जिससे जलभराव और गंदगी बढ़ती गई। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली अपने पीने के पानी के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है, फिर भी 58 प्रतिशत पानी ट्रांसमिशन में ही बर्बाद हो जाता है।

परियोजनाएं रोकीं, विकास को ब्रेक
एलजी ने आरोप लगाया कि मेट्रो फेज-4, आरआरटीएस और केंद्र सरकार के फंडेड ई-बसों जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जानबूझकर रोका गया। ई-बसें इसलिए अटकी रहीं क्योंकि केजरीवाल सरकार उन पर अपनी तस्वीर चाहती थी। वहीं, डीडीए के बांसेरा, वैष्णवी पार्क, संजय वन, शालीमार बाग जैसे क्षेत्रों के विकास का भी जिक्र करते हुए एलजी ने कहा कि आप ने इनका विरोध किया।

संवैधानिक मर्यादाओं पर भी सवाल
पत्र में केजरीवाल सरकार पर फाइलों पर हस्ताक्षर न करने, कैबिनेट बैठकों की परंपरा खत्म करने और सीएजी रिपोर्ट विधानसभा में पेश न करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं, 500 स्कूल खोलने के वादों को भी एलजी ने खोखला बताया।

प्रदूषण पर आप ने एलजी को फिर घेरा, केजरीवाल को चिट्ठी लिखने पर किया पलटवार
आम आदमी पार्टी ने एलजी वीके सक्सेना के प्रदूषण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखने पर पलटवार किया है। आप ने कहा कि एलजी दिल्ली वालों को भयंकर प्रदूषण में छोड़कर गुजरात में आराम कर रहे हैं। लगता है प्रदूषण का असर एलजी के मस्तिष्क पर हो गया है तभी तो वे मौजूदा सीएम के बजाय पूर्व सीएम को पत्र लिख रहे हैं। आप ने कहा कि कैमरा जीवी एलजी को खुद की सरकार भाव नहीं दे रही है तो मीडिया में बने रहने के लिए लेटरबाजी कर रहे हैं। एलजी को बताना चाहिए कि रेखा गुप्ता सरकार से दिल्ली के प्रदूषण पर कब सवाल पूछेंगे?

आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि एलजी को याद नहीं है कि अरविंद केजरीवाल नहीं बल्कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हैं। ढांडा ने कहा कि अगर एलजी को सवाल पूछने ही हैं, तो वे मौजूदा सरकार की गतिविधियों पर सवाल करें। कल ग्रेप-4 लगाया जा रहा था और आज उसे हटाया जा रहा है। दिल्ली प्रदूषण की गर्त में जा रही है, लेकिन एलजी का इस पर कोई ध्यान नहीं है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि जब तक अरविंद केजरीवाल की सरकार रही, तब तक एलजी वीके सक्सेना का काम केवल रोज उनके कामों को रोकना और आलोचना करना था लेकिन आज एलजी साहब मौन हैं। भारद्वाज ने कहा कि आज एलजी ने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर अरविंद केजरीवाल को 15 पन्नों की चिट्ठी लिख दी और सवाल किया कि 11 साल में उनकी सरकार ने कोई काम क्यों नहीं किया। एलजी साहब को यह पत्र मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता या पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को लिखना चाहिए था।

एलजी का पत्र केजरीवाल सरकार की नकारात्मक कार्यशैली का आईना : भाजपा
उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से आप प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे गए पत्र को प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल की दस साल की सरकार के भ्रष्टाचार में लिप्त, नकारात्मक राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यशैली का आईना बताया। उन्होंने कहा कि यह पत्र दरअसल दिल्ली की जनता की पीड़ा की आवाज है, जिसने एक दशक तक जनसमस्याएं झेली हैं।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भले ही यह 56 सूत्रीय पत्र उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लिखा हो, लेकिन इसके हर शब्द में दिल्ली के उन नागरिकों का दर्द झलकता है जो केजरीवाल सरकार के दौरान बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान रहे। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल पिछले तीन वर्षों से दिल्ली के प्रथम नागरिक और सेवक के रूप में कार्यरत हैं और दिल्लीवासियों ने देखा है कि किस तरह उन्होंने कथित अराजक केजरीवाल सरकार के दौर में भी न्यूनतम जनसेवाओं को चालू रखा। साथ ही केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और डीडीए के माध्यम से दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं को पूरा कराया।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता बीते 10 महीनों से प्रदूषण, विकास और रखरखाव जैसे हर मुद्दे पर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन उपराज्यपाल के अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र पर उनकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि प्रदूषण नियंत्रण में विफलता, पार्टी वॉलेंटियरों को सरकारी खजाने से वेतन देने, विभिन्न घोटालों, शराब घोटाले और कोविड काल में तथाकथित शीशमहल निर्माण जैसे उपराज्यपाल के लगाए गए आरोप सही हैं।

एलजी के पत्र से प्रदूषण पर भाजपा-आप की नूरा कुश्ती उजागर हुई : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को लिखे गए पत्र को लेकर भाजपा और आप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पत्र ने दिल्ली के जानलेवा प्रदूषण को लेकर भाजपा और आप के दिखावटी राजनीति करने की बात को स्पष्ट किया हैं। लिहाजा हकीकत में दोनों ने राजधानी के तीन करोड़ से अधिक लोगों को राहत दिलाने के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। देवेन्द्र यादव ने कहा कि केजरीवाल का प्रदूषण हर साल 15-20 दिन का मीडिया शोर होने का कथन पूरी तरह सच साबित हुआ है।

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