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Delhi Vidhan Sabha: मौजूदा विधानसभा में 19 CAG रिपोर्ट पेश, 10 साल में एक भी नहीं आई; AAP पर अध्यक्ष का तंज

Wed, 12 Aug 2026 01:33 PM IST
Vijay Singh Pundir आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा विधानसभा के छह सत्रों में 19 सीएजी रिपोर्ट सदन में रखी जा चुकी हैं। पिछली सरकार के कार्यकाल में बीते 10 साल में एक भी सीएजी रिपोर्ट सदन में नहीं आई थी।
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Delhi Vidhan Sabha - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विपक्ष की भूमिका को लेकर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने तीखा हमला बोला है। आठवीं विधानसभा के छठे सत्र के सत्रावसान के बाद गुप्ता ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि पूरे सत्र के दौरान नेता विपक्ष सदन में नहीं आईं। उन्होंने कहा कि सत्रावसान के समय नेता विपक्ष का नाम तक नहीं था। इसके बावजूद सदन ने बिना एक मिनट गंवाए चार विधेयक पारित किए और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।

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विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को जवाबदेह बनाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन इस सत्र में विपक्षी सदस्यों की ओर से कोई सार्थक जनहित का मामला नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से केवल अराजकता दिखाई गई और सदन में चावल तक फेंके गए। सदन में आपत्तिजनक इशारे करने के आरोप लगे। अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष से सदस्य सदन में आए, लेकिन नेता विपक्ष की गैरमौजूदगी चिंताजनक रही।

तीन दिन में चार विधेयक, 13 घंटे 19 मिनट चली कार्यवाही
आठवीं विधानसभा के छठे सत्र की कार्यवाही तीन दिन चली। अध्यक्ष के मुताबिक इस दौरान कुल 13 घंटे 19 मिनट सदन चला। उन्होंने कहा कि सत्र में जो भी एजेंडा आया, उस पर सार्थक चर्चा हुई और सभी प्रस्तावों को 100 फीसदी सफलता के साथ पारित किया गया। उनके मुताबिक तमाम बाधाओं के बावजूद सदन ने अपना काम बिना समय गंवाए पूरा किया।

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विधानसभा सूक्ष्म स्तर पर रख रही प्रशासन के कामकाज पर नजर
अध्यक्ष ने विधानसभा की निगरानी भूमिका को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा के छह सत्रों में 19 सीएजी रिपोर्ट सदन में रखी जा चुकी हैं। पिछली सरकार के कार्यकाल में बीते 10 साल में एक भी सीएजी रिपोर्ट सदन में नहीं आई थी। गुप्ता ने कहा कि पहली बार विधानसभा प्रशासन के कामकाज पर इतने सूक्ष्म स्तर पर नजर रख रही है। इससे सरकारी कामकाज और प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। सभी सीएजी रिपोर्ट पर संबंधित विभागों को कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

जनहित के मुद्दों पर सदस्यों को खुला मौका
अध्यक्ष ने कहा कि तीन दिन में 52 मामले 280 के तहत उठाए गए। नियम के मुताबिक एक दिन में करीब 10 मुद्दे उठाने का प्रावधान है, लेकिन सदस्यों को जनहित से जुड़े ज्यादा से ज्यादा मुद्दे उठाने का अवसर दिया गया। उन्होंने इसे विधानसभा के कामकाज की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक सदन में सदस्यों की मौजूदगी भी अच्छी रही। सत्तापक्ष के 48 में से करीब 44 से 45 सदस्य सदन में पहुंचे।
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आठवीं विधानसभा में डेढ़ साल में छह सत्र
विजेंद्र गुप्ता ने पिछली विधानसभा के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सातवीं विधानसभा में पांच सत्र भी पूरे नहीं हो पाए थे, जबकि मौजूदा विधानसभा ने करीब डेढ़ साल में छह सत्र पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा लगातार काम कर रही है और विधायी कामकाज को प्राथमिकता दी जा रही है।

विपक्ष पर नरमी, संसदीय परंपरा का पाठ
अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के हंगामे पर कार्रवाई करने का अधिकार उनके पास था, लेकिन उन्होंने नरमी बरती। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य विपक्ष को भविष्य में संसदीय परंपराओं का पालन करने का अवसर देना था। उन्होंने संकेत दिया कि सदन में राजनीतिक विरोध स्वीकार्य है, लेकिन उसकी सीमा तय होनी चाहिए।

अग्निशमन विधेयक से सेवाओं को मिलेगी मजबूती 
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली अग्निशमन सेवा विधेयक के पारित होने से अग्निशमन सेवा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी विभागों के कामकाज की निगरानी भी कर रही है। पीएसी से भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
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