विधानसभा सूक्ष्म स्तर पर रख रही प्रशासन के कामकाज पर नजर
अध्यक्ष ने विधानसभा की निगरानी भूमिका को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा के छह सत्रों में 19 सीएजी रिपोर्ट सदन में रखी जा चुकी हैं। पिछली सरकार के कार्यकाल में बीते 10 साल में एक भी सीएजी रिपोर्ट सदन में नहीं आई थी। गुप्ता ने कहा कि पहली बार विधानसभा प्रशासन के कामकाज पर इतने सूक्ष्म स्तर पर नजर रख रही है। इससे सरकारी कामकाज और प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। सभी सीएजी रिपोर्ट पर संबंधित विभागों को कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
जनहित के मुद्दों पर सदस्यों को खुला मौका
अध्यक्ष ने कहा कि तीन दिन में 52 मामले 280 के तहत उठाए गए। नियम के मुताबिक एक दिन में करीब 10 मुद्दे उठाने का प्रावधान है, लेकिन सदस्यों को जनहित से जुड़े ज्यादा से ज्यादा मुद्दे उठाने का अवसर दिया गया। उन्होंने इसे विधानसभा के कामकाज की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक सदन में सदस्यों की मौजूदगी भी अच्छी रही। सत्तापक्ष के 48 में से करीब 44 से 45 सदस्य सदन में पहुंचे।
आठवीं विधानसभा में डेढ़ साल में छह सत्र
विजेंद्र गुप्ता ने पिछली विधानसभा के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सातवीं विधानसभा में पांच सत्र भी पूरे नहीं हो पाए थे, जबकि मौजूदा विधानसभा ने करीब डेढ़ साल में छह सत्र पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा लगातार काम कर रही है और विधायी कामकाज को प्राथमिकता दी जा रही है।
विपक्ष पर नरमी, संसदीय परंपरा का पाठ
अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के हंगामे पर कार्रवाई करने का अधिकार उनके पास था, लेकिन उन्होंने नरमी बरती। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य विपक्ष को भविष्य में संसदीय परंपराओं का पालन करने का अवसर देना था। उन्होंने संकेत दिया कि सदन में राजनीतिक विरोध स्वीकार्य है, लेकिन उसकी सीमा तय होनी चाहिए।
अग्निशमन विधेयक से सेवाओं को मिलेगी मजबूती
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली अग्निशमन सेवा विधेयक के पारित होने से अग्निशमन सेवा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी विभागों के कामकाज की निगरानी भी कर रही है। पीएसी से भी पूरा सहयोग मिल रहा है।