लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर करने और प्रदूषण स्तर को कम करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। ई-रिक्शा चलाने के लिए लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को बगैर अपॉइंटमेंट, सीधे लाइसेंसिंग प्राधिकरण में संपर्क करने की अनुमति होगी। अब सॉफ्टवेयर (सारथी) के माध्यम से फीस जमा करने के बाद आवेदक किसी भी दिन(कार्यदिवस) 2 से 4 बजे के बीच(कार्यदिवस) संबंधित जोन की लाइसेंसिंग अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं। परिवहन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
ई रिक्शा को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से जारी इस आदेश से आवेदकों को राहत मिलेगी। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी ईवी पॉलिसी-2020 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक ई-रिक्शा की खरीद पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। ऐसे वाहनों की खरीद पर दिल्ली फाइनेंस कॉर्पोरेशन (डीएफसी) के जरिये ऋण पर ब्याज में भी पांच फीसदी छूट देने की योजना पर मंथन जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसपर जल्द फैसला ले लिया जाएगा।
रविवार को लाइसेंस के लिए टेस्ट की सुविधा से मिली राहत
परिवहन विभाग ने दिल्लीवासियों की सुविधा के लिए रविवार को भी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) टेस्ट की शुरुआत की है। इससे खास तौर पर कामकाजी वर्ग के लोगों को काफी सुविधा होगी। अभी तक यह विकल्प न होने की वजह से दफ्तरों से अवकाश लेने के बाद ही टेस्ट में शामिल होने का मौका मिलता था। इससे कई लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मार्च में इस सुविधा की शुरुआत से काफी लोगों को राहत मिली है और धीरे धीरे संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है।
परिवहन सेवाओं में लगातार हो रहा है सुधार: गहलोत
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने परिवहन सेवाओं को प्रदान करने के तरीकों में कई सुधार किए हैं। परिवहन विभाग और एमएलओ की टीम सभी चुनौतियों का हल रियल टाइम में करने के लिए प्रतिबद्ध है।आवेदन प्रक्रिया में अगर कोई कठिनाई होती है तो उनकी सहायता और मार्गदर्शन के लिए विभाग की ओर से उचित व्यवस्था की गई है।
70 फीसदी सेवाएं होंगी फेसलेस
दिल्ली सरकार ने पिछले कुछ महीनों में परिवहन विभाग के सभी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में बदलाव किए हैं। इनमें सभी जोनल और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के संचालन प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) और लाइसेंस सहित अन्य सेवाओं को फेसलेस करने के लिए ट्रायल चल रहा है। विभाग अगले कुछ महीनों में 70 अन्य आवश्यक सेवाओं को 2 चरणों में फेसलेस सेवाओं के तहत लाया जाएगा। दिल्ली में दोबारा कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह निर्णय अहम माना जा रहा है। सेवाएं फेसलेस होने पर आवेदकों को दफ्तरों में खुद पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत के साथ साथ संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेगा।