रामलीला मैदान जहां शपथ लेंगे केजरीवाल
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सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री समेत ज्यादा नेताओं का मानना था कि दिल्ली सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल ने बेहतर तरीके से काम किया है। इसी सरकार के काम के दम पर चुनाव जीता गया है। सभी मंत्री विधायक भी बने हैं। ऐसे में मंत्रियों को हटाना ठीक नहीं है।
दिल्ली की नई सरकार में पुराने मंत्री ही आगे भी काम करें। आपसी चर्चा करने के बाद विभागों के बंटवारा करने के साथ इस पर अंतिम फैसला लेने की जिम्मेदारी आप नेता ने अरविंद केजरीवाल पर छोड़ दी है।
बड़ी संख्या में दिल्ली वालों के रामलीला मैदान पहुंचने की उम्मीद
आप को उम्मीद है कि रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में दिल्ली की जनता पहुंचेगी। इसके लिए अरविंद केजरीवाल समेत आप के सभी विधायक लोगों से अपील करेंगे। साथ ही पार्टी अपने स्तर पर सोशल मीडिया के हर फोरम पर दिल्ली वालों को न्योता देगी।
एक पदाधिकारी ने बताया कि आप के करीब एक लाख कार्यकर्ता बूथ मैनेजमेंट स्तर पर काम कर रहे थे। शपथ ग्रहण समारोह में सबके पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा आम दिल्ली के लोग भी आयोजन में पहुंच सकते हैं।
आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल राय ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में किसी मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। माना जा रहा है कि वीआईपी लोगों के आने से उन्हें सुरक्षा देनी पड़ेगी और ऐसे में आम लोगों की सुरक्षा में परेशानी आएगी इसलिए वीआईपी लोगों को न्योता ही नहीं दिया गया है।
- अरविंद केजरीवाल: मुख्यमंत्री
- मनीष सिसोदिया
- गोपाल राय
- सत्येंद्र जैन
- इमरान हुसैन
- कैलाश गहलोत
- राजेंद्र पाल गौतम
गोयल फिर बन सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष
शाहदरा से विधायक राम निवास गोयल को दोबारा विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी मिल सकती है। पार्टी नेताओं का मानना था कि विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर गोयल का पिछला कार्यकाल अविवादित रहा है। विषम हालात में भी उन्होंने सदन को बेहतर तरीके से चलाया है। ऐसे में बदलाव की ज्यादा गुंजाइश नहीं बन रही है। वहीं, पिछले विधानसभा में आप विधायक दल के चीफ व्हिप जगदीप सिंह थे। टिकट न मिलने से इस चुनाव में वह विधानसभा नहीं पहुंच सके। इनकी जगह सिख समुदाय से जरनैल सिंह को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी मिल सकती है।