फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोल बाग हादसा: बच सकती थीं चार जान... मोसिन ने कई बार मिस्त्री बुलाया, इमारत के मालिक ने नहीं करने दी मरम्मत

Fri, 20 Sep 2024 07:51 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

प्रसाद नगर थाना पुलिस ने इमारत के मुख्य मालिक अनिल उर्फ बोबी सहित दो लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व मरम्मत करने में लापरवाही बरतने समेत दूसरी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
Karol Bagh Building Collapsed - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करोल बाग के बापा नगर स्थित चार मंजिला इमारत गिरने के मामले में इमारत का मालिक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। प्रसाद नगर थाना पुलिस ने इमारत के मुख्य मालिक अनिल उर्फ बोबी सहित दो लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व मरम्मत करने में लापरवाही बरतने समेत दूसरी धाराओं में मामला दर्ज किया है। उधर, बृहस्पतिवार हादसे में जान गंवाने वाले अमन (12 वर्ष), मुकीम (25 वर्ष), मुजीब (18 वर्ष), मोसिन (26 वर्ष) के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। 

विज्ञापन


सेंट्रल दिल्ली के पुलिस उपायुक्त एस. हर्षवर्धन ने बताया कि मामले में इमारत के एक मालिक समेत दूसरे कई लोगों से पूछताछ की है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल लिए हैं। करोल बाग जोनल ऑफिस से इमारतों के सर्वे से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। मामले की अभी आगे जांच की जा रही है। 

मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि इमारत के तीन मालिक हैं। अनिल इसका मुख्य मालिक है। अनिल ने ही हादसे में जान गंवाने वाले मोसिन को इमारत 35 हजार रुपये प्रति माह किराए पर दी हुई थी। इसमें वह लेडीज जूते-चप्पल बनाने की फैक्टरी चला रहा था। ऊपर की तीसरी मंजिल पर वह अपने गांव रामपुर से मजदूर लाकर रखता था। बिल्डिंग का ग्राउंड फ्लोर, दूसरी और चौथी मंजिल पर जूते-चप्पल का माल रखा जाता था। इस इमारत दो अन्य का भी हिस्सा है।

विज्ञापन

इमारत के मालिक ने नहीं करने दी मरम्मत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत जर्जर थी। इसकी मरम्मत के लिए मोसिन ने कई बार मिस्त्री बुलाया था। मोसिन के भाई आसिम रजा का कहना था कि एक बार भाई ने काम शुरू भी करवा दिया था, लेकिन मालिक अनिल ने काम रुकवा दिया। उसका कहना था कि वह पूरी इमारत को पूरा तोड़कर नए सिरे बनवाएगा।

घटनास्थल से हटाया मलबा
बापा नगर स्थित सात जेसीबी लगाकर मलबे को देर रात तक साफ कर लिया गया। वहीं, मलबे में दबे मजदूरों का वीडियो बृहस्पतिवार सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें दर्द में चिल्लाते हुए पत्थरों के बीच में फंसे लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक वीडियो में मलबे में दबे शख्स को सुना जा सकता है कि मुझे और मेरे भाई को बचा लो। 

खतरनाक इमारतों के सर्वेक्षण का रिकॉर्ड जब्त 
करोल बाग में बुधवार को इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एमसीडी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने करोल बाग जोन के कार्यालय से खतरनाक इमारतों के सर्वेक्षण से संबंधित रिकॉर्ड को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई उन सबूतों को इकट्ठा करने के लिए की गई है जो इस हादसे की जांच में मदद कर सकें। पुलिस टीम बुधवार को दोपहर बाद एमसीडी के करोल बाग जोन के कार्यालय में पहुंची थी। इस दौरान पुलिस टीम ने भवन विभाग के कार्यालय में इमारतों के सर्वेक्षण के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस टीम ने रिकार्ड खंगाला। इसके बाद पुलिस टीम इस रिकार्ड को अपने साथ ले गई।

मौतों की जिम्मेदारी तय हो: यादव
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने करोल बाग में इमारत ढहने वाले स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौतों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। वहीं उन्होंने प्रशासन के जर्जर मकानों के पुनर्निर्माण के लिए आवेदन करने के बावजूद उचित कदम नहीं उठाने पर चिंता जताई। देवेंद्र यादव ने घायलों और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली में असंवेदनशील सरकार की नाकामियों के कारण लगातार लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
विज्ञापन

एमसीडी का खतरनाक इमारतों का सर्वे खानापूर्ति : राजा इकबाल
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने करोलबाग के बापानगर में एक इमारत के गिरने से हुई चार व्यक्तियों की मौत पर आप सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले किए गए खतरनाक इमारतों के सर्वे के नाम पर एमसीडी ने सिर्फ खानापूर्ति की है। यह दिल्ली की जनता के साथ धोखा किया गया है। राजा इकबाल सिंह ने आरोप लगाया कि एमसीडी की आम आदमी पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई हैं। उन्होंने बताया कि नालों की सफाई, शहर की सफाई और मच्छरों की रोकथाम जैसे बुनियादी कार्य भी ठीक से नहीं किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें