अदालत ने कंझावला में कार से घसीटने पर 20 वर्षीय एक युवती की मौत के मामले में गिरफ्तार आशुतोष भारद्वाज को जमानत देने से इनकार कर दिया। रोहिणी कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सान्या दलाल ने कहा कि उसके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। साथ ही इस तरह का मामला सत्र अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
विशेष लोक अभियोजक ( एसपीपी ) ने अदालत से कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और प्रत्येक अभियुक्त की भूमिका का पता लगाया जाना है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अन्य आरोपियों को गुमराह किया और शरण दी। कानूनी बाध्यता होने के बावजूद उसने इस घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी। आरोपी के वकील ने कहा कि घटना के समय उसका मुवक्किल कार में नहीं था।
बताते चलें कि आशुतोष भारद्वाज कंझावला कांड के आरोपियों में से एक है। मामले के सिलसिले में कार में सवार पांच लोगों सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। घटना 31 दिसंबर की रात की बताई गई थी। बाहरी दिल्ली के खंजावाला इलाके में एक कार द्वारा कथित तौर पर टक्कर मारने और घसीटने के बाद 20 वर्षीय अंजलि की मौत हो गई थी।