उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में एक युवक ने दोस्त के साथ मिलकर अपने जीजा की सिलेंडर से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्याकांड की इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठाकर पुलिस ने मृतक के साले और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की पहचान साले मोनू उर्फ मोंटी (24) और दोस्त अंकित राजपूत (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पांच किलों का छोटा सिलेंडर भी बरामद कर लिया है। दरअस्ल मोनू को लगता था कि उसके जीजा राजेश श्रीवास्तव (30) के किसी अन्य महिला से संबंध है। इस वजह से वह उसकी बहन के साथ बुरा सलूक करता था। इस बात का मोनू को बहुत गुस्सा था। उसने अपने दोस्त अंकित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दे दिया।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त वेद प्रकाश सूर्या ने बताया कि दो जनवरी की सुबह राजेश श्रीवास्तव को जग प्रवेश चंद अस्पताल लाया गया था, यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार करने के निशान थे। हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि मूलरूप से राय बरेली का रहने वाला राजेश अपनी पत्नी ज्योति और दो साल की बेटी के साथ ब्रह्मपुरी में रहता था। गली नंबर-30 गौतमपुरी में उसकी जींस के स्टीकर बनाने की साले मोनू के साथ फैक्टरी थी।
वारदात वाले दिन राजेश अपनी फैक्टरी में अचेत मिला था। कर्मचारियों व साले मोनू ने राजेश को अस्पताल पहुंचाया था। इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर और एसआई शैलेंद्र के अलावा अन्यों की टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची तो अहम सुराग हाथ लगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने फैक्टरी में काम करने वाले अंकित नामक कर्मचारी को हिरासत में लिया। पूछताछ की तो वह टूट गया। आरोपी ने बताया कि उसने राजेश के साले के कहने पर राजेश की हत्या की। इसके बाद पुलिस ने राजेश के साले मोनू को भी दबोच लिया। पूछताछ के बाद उसने हत्या करवाने की बात कबूल कर ली।
ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम...
पूछताछ के दौरान मोनू ने खुलासा किया कि शादी के बाद से राजेश उसकी बहन के साथ बुरा बर्ताव करता था। इसके अलावा उसे शक था कि राजेश के किसी और महिला के साथ संबंध हैं। यह बात उसने अंकित को बताई तो वह राजेश को सबक सिखाने के लिए कहने लगा। हत्या की योजना बना ली गई। एक जनवरी की शाम को मोनू ने फैक्टरी में नए साल की पार्टी रखी। वहां सभी ने मिलकर खूब शराब पी। आठ बजे के आसपास सभी लोग वापस लौट गए।
राजेश फैक्टरी में काम के लिए रुक गया। करीब नौ बजे मोनू के इशारे पर अंकित फैक्टरी पहुंचा और वहीं रखे छोटे एलपीजी सिलेंडर से पीट-पीटकर राजेश को मौत के घाट उतार दिया और वापस आ गया। अगले दिन कर्मचारी फैक्टरी पहुंचे तो राजेश को मरा पाया। फैक्टरी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे से पूरा भेद खुला। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।