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Delhi Jal Board: भूजल संकट पर सख्ती की तैयारी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग न करने पर लग सकता है जुर्माना; विचार

Thu, 16 Jul 2026 06:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा संदीप वर्मा, नई दिल्ली

सार

अब दिल्ली जल बोर्ड जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है और इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो आगे चलकर बिजली के बिलों में जुर्माना भी लगाने की योजना पर विचार चल रहा है।
 
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विस्तार
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राजधानी में भूजल लगातार नीचे जा रहा है, लेकिन वर्षा जल को सहेजने के प्रति लोगों की उदासीनता कम नहीं हो रही। पिछले 13 वर्षों में दिल्ली के केवल 16,007 घरों और संस्थानों ने ही रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया है। अब दिल्ली जल बोर्ड जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है और इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो आगे चलकर बिजली के बिलों में जुर्माना भी लगाने की योजना पर विचार चल रहा है।

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गिरते भूजल और गर्मियों में पानी की किल्लत को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने अब जागरूकता अभियान शुरू किया है। साथ ही नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती की तैयारी है। डीपीसीसी और एनजीटी के निर्देशों के बाद 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े सभी प्लॉटों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया गया है। दिल्ली जल बोर्ड ने 500 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर इसे पहले से अनिवार्य किया हुआ है। 

2019 में नियम और सख्त कर 100 वर्ग मीटर की इमारतों के लिए भी अनिवार्य कर दिया गया था। जल बोर्ड ने डीपीसीसी, एमसीडी और केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के साथ संयुक्त समिति भी बनाई है ताकि बड़े घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सिस्टम की निगरानी हो सके। विशेषज्ञों का कहना है कि हर मानसून में करोड़ों लीटर पानी नालियों में बह जाता है। इसे बचाकर भूजल रीचार्ज करने की सख्त जरूरत है। 
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ड्रेन के पास न बनें रेनवॉटर पिट्स स्टॉर्मवॉटर
अगस्त 2025 में आई नई गाइडलाइन के अनुसार रेनवॉटर पिट्स स्टॉर्मवॉटर ड्रेन के पास न बनें, पहली बारिश को बाईपास किया जाए और ग्राउंडवॉटर निगरानी के लिए पाइजोमीटर लगें। अब तक 174 सरकारी इमारतों में सिस्टम लागू किया जा चुका है।

नियम न मानने वालों पर की जा रही सख्ती 
खराब सिस्टम या नियम न मानने वाली सोसाइटियों से 10% बिल छूट वापस ली जा रही है। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की योजना पर विचार चल रहा है लेकिन अभी इसका प्रस्ताव नहीं आया है। वहीं, पानी कनेक्शन काटने की प्रक्रिया भी शुरू है। 

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