दिल्ली जल बोर्ड सीवर की सफाई करने वाले मजदूरों को प्रशिक्षण देने जा रहा है। भविष्य में प्रशिक्षित मजदूर ही सीवर की सफाई करेंगे। दिल्ली सरकार ऐसे मजदूरों की पहचान करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी। बड़े-बड़े होर्डिंग पर प्रशिक्षित मजदूरों के नंबर लिखे होंगे। जरूरत होने पर इनसे संपर्क किया जा सकता है। दिल्ली जल बोर्ड के मुख्यालय में इसका फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ अधिकारियों की बैठक में लिया गया।
मंगलवार दोपहर बाद हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जल मंत्री राजेंद्र गौतम समेत जल बोर्ड के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि सीवर की सफाई मौजूदा मशीनों से ही करनी है। अगर मशीनें पर्याप्त नहीं हैं तो इसे खरीदा जाएगा। वहीं, पतली-पतली गलियों में अगर मशीन नहीं जा पाती है तो जल बोर्ड अधिकारी सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरणों से लैस करके भेजेंगे। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक के बाद जल मंत्री ने बताया कि जल बोर्ड मजदूरों की लिस्ट तैयार करेगी। इसके बाद इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद सभी को सर्टिफिकेट मिलेगा। बाद में सर्टिफाइड मजदूर ही सीवर की सफाई करेगा। अगर किसी को अपने मकान की सफाई करानी है तो वह इन्हीं मजदूरों को बुलाएगा।
जल मंत्री ने बताया कि इसका बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि वह लाइसेंस वाले मजदूर से ही सफाई करवाएं। वहीं, बड़े-बड़े होर्डिंग पर मजदूरों के नंबर लिखे जाएंगे। अगर बगैर लाइसेंस वाले मजदूर से सफाई कराते वक्त अगर कोई हादसा हुआ तो इसके जिम्मेदार लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होगा। सरकार किसी भी हालत में इस तरह के हादसों को बर्दाश्त नहीं करेगी।