आईएसआईसी में लगाया गया एडवांस स्पाइन रोबोटिक्स सिस्टम
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रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) से जुड़े मामलों में अब डॉक्टर रोबोट के जरिये जटिल ऑपरेशन भी सफलतापूर्वक कर सकेंगे। अमेरिका के बाद भारत में ये रोबोट आ चुका है, जिसकी तकनीक इजरायल की है। दिल्ली के वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में आए इस रोबोट से अभी तक पांच मरीजों का उपचार हो चुका है। देश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे और अन्य दुर्घटना में घायलों को सबसे ज्यादा रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानी होती है।
रीढ़ में टीबी की तरह और भी कई तरह की बीमारियां हैं, जहां चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन की आवश्यकता होती है। इसी चुनौती को ज्यादा सफलता की दर के साथ पूरा करने का मनोबल रोबोट के जरिये बढ़ा है। सेंटर के निदेशक डॉ. एचएस छाबड़ा बताते हैं कि दिल्ली निवासी प्रीति पांडेय की रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन और कमर की दिव्यांगता की परेशानी थी। रोबोट आने के बाद बीते 8 जुलाई को उनका ऑपरेशन किया गया।
रोबोट को हड्डी में 1.6 मिमी का गड्ढा करना है तो भी डॉक्टर के आदेश पर रोबोट उसे आसानी से कर सकता है। रोबोट की मदद से ऑपरेशन की गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ेगा। बड़ा चीरा लगाने के झंझट से भी मरीज को मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के रोबोट भारत सरकार को अपने अस्पतालों में भी लगाने चाहिए। रोबोट के बारे में बताते हुए विशेषज्ञों की टीम ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर रोबोट में लगी स्क्रीन पर लाइव देख सकते हैं। ऑपरेशन से पहले योजना तैयार करने में भी मदद मिल सकती है। ऑपरेशन की अवधि पर भी असर पड़ सकता है।