राजधानी में हवा की धीमी गति और खराब मौसम के चलते शनिवार को हवा इस साल की सबसे खराब श्रेणी में पहुंच गई। इसकी वजह से देश के सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली का स्थान तीसरा दर्ज हुआ। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे से हुई और पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर के चलते दृश्यता भी कम रही। सांस लेने में हो रही दुश्वारी के बीच लोग मास्क पहने नजर आए। लोगों को आंख में जलन की दिक्कत भी हुई।
कारपूलिंग पर जोर
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शनिवार को करीब 40 स्टार्टअप संस्थापकों और बिजनेस प्रतिनिधियों ने बैठक की। बैठक सेंट्रल पार्क में हुई। बैठक में मोबिलिटी, कृषि, वायु शुद्धिकरण से जुड़े स्टार्टअप्स ने समाधान साझा किए और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। कारपूलिंग प्लेटफॉर्म क्विक राइड के सह-संस्थापक विशाल लवटी ने कहा कि निजी वाहन प्रदूषण का बड़ा कारण हैं।
हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी कक्षा 9, 11 तक के छात्रों की पढ़ाई
नई दिल्ली। दिल्ली की हवा बेहद खराब स्तर पर पहुंचने के बाद सरकार ने स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है। ग्रेप-4 लागू होने के बीच कक्षा 9 और 11 तक के छात्रों की पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। यानी जहां संभव होगा, वहां बच्चे स्कूल आकर पढ़ सकेंगे और साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी खुला रहेगा। शिक्षा निदेशालय ने कक्षा 9 और 11 तक के छात्रों के लिए नई व्यवस्था का आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में इन कक्षाओं की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। निदेशालय ने साफ किया है कि यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम के शनिवार के आदेश के बाद लिया गया है। संवाद
कब-कब लागू होते हैं ग्रेप के नियम