राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत समूचे उत्तर भारत का जहरीली धुंध में दम फूल रहा है। देश में दिल्ली कल सबसे प्रदूषित शहर रहा। ठहरी हवाओं और गिरते तापमान ने स्थिति को और जटिल बना दिया। घने कोहरे की मोटी चादर पंजाब, हरियाणा से लेकर राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मुंबई तक छाई रही। इससे दृश्यता कम हुई और विमानों व ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। कई ट्रेनें देर से चल रही हैं। दिल्ली में ग्रैप-4 को असरदार तरीके से लागू करने और प्रतिबंधित वाहनों को राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस ने रात भर पहरेदारी की। मौसम विभाग ने दो दिन तक सात राज्यों दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र में खनन, क्रशर इकाइयां बंद...राजस्थान सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जिलों में खनन और क्रशर इकाइयां बंद करने के निर्देश दिए हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने ग्रेप-4 के मानकों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। ऐसा न करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में दृश्यता शून्य तक आई
घने कोहरे के कारण आगरा में दृश्यता गिरकर शून्य मीटर तक आ गई थी। सुबह के समय ताजमहल धुंध और कोहरे की मोटी चादर के बीच कुछ समय के लिए ओझल-सा हो गया। इससे सैलानियों को निराशा हुई। हालांकि, दिन निकलने के साथ हालात में कुछ सुधार हुआ।
सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई की अनुमति
गंभीर प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने पूरी तरह ऑनलाइन सुनवाई की वकीलों की मांग खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ के समक्ष यह मुद्दा उठाया। पीठ ने कहा, हम यह वकीलों पर छोड़ते हैं। अगर कोई चाहे, तो वह ऑनलाइन दलीलें रख सकता है।