दिल्ली में इन्फ्लुएंसर मुस्कान की हत्या में एक और नया खुलासा हुआ है। 18 जुलाई की शिकायत पर पुलिस लेती संज्ञान तो मुस्कान जिंदा होती। 30 जुलाई को नशा मुक्ति केंद्र से आरोपी आकिब बाहर आया था। आरोपी ने मुस्कान को परेशान करना शुरू कर दिया था। इस बात की शिकायत की गई थी।
दिल्ली के तिलक नगर के ओल्ड महावीर नगर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 21 वर्षीय मुस्कान शर्मा की हत्या में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आकिब उर्फ इमरान को लेकर जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने करीब डेढ़ महीने पहले ही आकिब पर परेशान करने की शिकायत पुलिस से की थी। उस समय औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
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पुलिस ने आकिब के नशे की लत के इतिहास को देखते हुए उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा दिया था। वहां खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के बाद उसे 30 जुलाई को छोड़ दिया गया था। इसके बाद 26 अगस्त को वह मुस्कान के घर पहुंचा और उसकी हत्या कर दी। हत्या की इस साजिश को वह कई दिनों से रच रहा था। इतना ही नहीं वह मुस्कान को परेशान भी करता था।
पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह का पता मुस्कान के बरामद मोबाइल की जांच के दौरान चला। आरोपी घर से भागते समय मुस्कान का मोबाइल भी अपने साथ ले गया था और कुछ दूरी पर उसे फेंक दिया था। बाद में उसकी निशानदेही पर मोबाइल बरामद किया गया। फोन में मिली चैट की जांच में पता चला कि मुस्कान किसी दूसरे युवक से बातचीत कर रही थी। जो कि उसे कतई नहीं गवारा था और उसके बाद उसने हत्या की ठान ली थी।
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आरोपी जब उसके घर पहुंचा तो उसने मोबाइल में दोनों के बीच हो रही बातचीत देख ली। इससे वह भड़क गया। पुलिस की जांच के अनुसार, मुस्कान ने आकिब को घर से जाने के लिए कहा था, लेकिन गुस्से में उसने उस पर हमला कर दिया। उसने मुस्कान को बिस्तर पर गिराने के बाद पेट और सीने पर चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल मुस्कान की मौत हो गई।
शिकायत पर सख्ती से नहीं उठाया था कदम
मुस्कान ने 18 जुलाई को आकिब के परेशान करने की शिकायत पुलिस को दी थी। बावजूद उस समय मामला दर्ज नहीं हुआ, उसे शांति भंग करने के मामले में पकड़ा था। इसके बाद वह नशा मुक्ति केंद्र में था। वहां खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के बाद 30 जुलाई को उसे छोड़ दिया गया। इसके करीब चार सप्ताह बाद आकिब मुस्कान के घर पहुंचा और उसकी हत्या कर दी।
अब सवाल यह है कि 18 जुलाई को मिली शिकायत के बाद आकिब की गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं रखी गई और उसे दोबारा मुस्कान तक पहुंचने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद आकिब लगातार मुस्कान के संपर्क में था या उसे परेशान कर रहा था।
पहले से दर्ज हैं दो आपराधिक मामले : आरोपी आकिब के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। तिलक नगर थाने में वर्ष 2018 में उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी ने अपने एक साथी के साथ नाबालिग किशोरी के साथ छोड़छाड़ किया था।
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। वहीं वर्ष 2021 में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वह जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर था।
दो बार जेल जाकर भी नहीं सुधरा आकिब
मुस्कान शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी आकिब उर्फ इमरान की कहानी सिर्फ एक हत्या के आरोपी तक ही नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 2018 और 2021 में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है। दोनों मामलों में जेल जाने के बाद भी उसके खिलाफ दोबारा गंभीर मामला दर्ज हुआ।
बाद में नशे की लत से बाहर निकालने के लिए उसे नशामुक्ति केंद्र भी भेजा गया, लेकिन सुधार की यह कोशिश भी कारगार साबित नहीं हुई। 2018 में तिलक नगर थाने में दर्ज इस मामले में नाबालिग से छेड़छाड़ और मारपीट के साथ ही पॉक्सो एक्ट में उसे गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2021 में आकिब फिर कानून के शिकंजे में आया। तिलक नगर थाने में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज हुआ। इस मामले में भी वह जेल जा चुका है।
दो आपराधिक मामलों के बाद भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बाद के वर्षों में आकिब नशे की गिरफ्त में चला गया। उसकी नशे की समस्या इतनी बढ़ी कि उसे नशामुक्ति केंद्र में रखा गया।