एमसीडी ने नए वित्त वर्ष के बजट में जनता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की मद में वर्तमान वर्ष की तुलना में कटौती की है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इनमें प्रमुख रूप से जन-स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा सेवाएं, उद्यान विकास और भूमि एवं लाभकारी परियोजनाएं शामिल हैं। हालांकि, व्यय में बढ़ोतरी हुई है।
एमसीडी ने अगलेे वर्ष अनुमानित व्यय 17,01191.86 लाख रुपये तय किया गया है। यह राशि पिछले वर्ष के प्रस्तावित बजट के साथ-साथ संशोधित बजट से अधिक है। हालांकि, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से प्रशासनिक खर्च, सफाई व्यवस्था और कुछ अन्य क्षेत्रों में है, जबकि कई महत्वपूर्ण जन-सेवाओं में कटौती की गई है। जन-स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता मद में वर्ष 2024-25 में इसका संशोधित बजट 1,81,356.33 लाख रुपये था, जिसे 2025-26 में मामूली बढ़ाकर 1,83,351.15 लाख रुपये किया गया है, लेकिन यह पिछले बजट अनुमान 2,06,131.42 लाख रुपये से काफी कम है।
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यह कटौती सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर डाल सकती है। वहीं, पशु चिकित्सा सेवाएं मद में पिछले वर्ष की तुलना में भी कटौती की गई है। वर्ष 2024-25 में 13,486.42 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था, लेकिन संशोधित बजट में इसे घटाकर 10,103.80 लाख रुपये कर दिया गया।
अगले वर्ष के लिए इसमें हल्की बढ़ोतरी करके 10,843.80 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उद्यान (बागवानी एवं हरित क्षेत्र विकास) मद में इस बार कटौती की गई है। वर्ष 2024-25 में इसका बजट 49,258.00 लाख रुपये प्रस्तावित था, जिसे घटाकर 39,376.00 लाख रुपये कर दिया गया है। यह फैसला राजधानी में हरियाली को बढ़ावा देने के प्रयासों के विपरीत नजर आता है।
प्रशासनिक खर्च, सफाई व्यवस्था मद में बढ़ोतरी
प्रशासनिक खर्च और सफाई व्यवस्था मद में बढ़ोतरी की गई है। सामान्य प्रशासन मद में बजट को 4,34,229.00 लाख रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 3,72,671.16 लाख रुपये से अधिक है। सफाई व्यवस्था मद पर खास ध्यान दिया है। पिछले वर्ष इस पर 4,59,370.55 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था, जिसे संशोधित कर 4,30,53100 लाख रुपये कर दिया गया। अगले वर्ष इसे बढ़ाकर 4,90,711.00 लाख रुपये कर दिया गया है।
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लोक निर्माण कार्य एवं पथ-प्रकाश मद के लिए 2,89,460.90 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष के संशोधित बजट 2,85,270.90 लाख रुपये से थोड़ा अधिक है। अन्य विकास व्यय मद में वृद्धि हुई है। वर्ष 2024.25 में इसे 77,388.50 लाख रुपये तय किया गया था, जिसे 2025.26 के लिए 78,588.50 लाख रुपये कर दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र में पिछले वर्ष के 1,64,553.35 लाख रुपये के बजट की तुलना में इस बार 1,69,373.60 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट घाटा और कर्ज चुकाने की योजना
एमसीडी के इस बजट में अहम बिंदु कर्ज चुकाने से जुड़ा है। पिछले वर्ष कर्ज भुगतान के लिए राशि रखी गई थी, लेकिन बजट संशोधन के दौरान उस राशि को हटा दिया गया, जबकि वर्ष 2025-26 में 66,773.79 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। लिहाजा, एमसीडी ने अपने खर्च को संतुलित करने के लिए कुछ क्षेत्रों में बजट बढ़ाया है, लेकिन जनता को मिलने वाली कई सुविधाओं में कटौती की गई है।