निदेशालय की ओर से स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह अपने कार्यालय के बाहर व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर शिकायत बक्से भी स्थापित करें, जिससे कि बच्चे को शिकायत करने में आसानी हो। इन बक्सों में आई शिकायतों को स्कूल स्तर की कमेटी मॉनिटर करेगी। स्कूल प्रमुख इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि इन शिकायतों का यथोचित समाधान निकले।
प्रत्येक स्कूल को बुलिंग की रोकथाम की कार्रवाई की रिपोर्ट जिला स्तर की एंटी बुलिंग कमेटी को हर माह देनी होगी। स्कूलों को इस बात का ध्यान रखना है कि बच्चा किसी को धमकता, परेशान करता है या हेकड़ी दिखाता है तो वह स्कूल कैंपस में पूरी तरह से निषेध है। उल्लेखनीय है कि निदेशालय ने बीते साल बुलिंग व रैगिंग किए जाने पर बच्चे को लिखित चेतावनी से लेकर निलंबन तक करने केनिर्देश दिए थे।
सीबीएसई ने स्कूलों को क्रोध मुक्त जोन बनाने के लिए कहा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बीते माह के अंत में ही स्कूलों को क्रोध मुक्त जोन बनाने के लिए का था। बोर्ड का कहना है कि बच्चों के समग्र विकास के लिए स्कूलों को नकारात्मक रहित होना चाहिए। इससे छात्रों केस्किल डेवलपमेंट में भी मदद मिलेगी। क्रोध मुक्त जोन में बच्चे गुस्से को नियंत्रित करना सीखेंगे।