दिल्ली में छोटे और किफायदी दरों पर सेवा देने वाले 3,000 होटल और रेस्त्रों के संगठन ने चीनी सामान के बहिष्कार के साथ वहां के नागरिकों को ठहरने के लिए कमरा नहीं देने का निर्णय किया है।
दिल्ली होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स ओनर्स एसोसिएशन ने छोटे व्यापारियों के संगठन कैट को पत्र लिखकर इसके बारे में सूचना दी है। समूह ने कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अभियान को पूरा समर्थन देने का निर्णय किया है। लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद कुछ तबकों में चीनी सामान के बहिष्कार का अभियान जोर पकड़ रहा है।
दिल्ली होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स ऑनर्स एसोसएिशन के महासचिव महेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वे चीनी नागरिकों से कोई बुकिंग नहीं लेंगे और न ही उन्हें कोई सेवा देंगे। साथ ही उन्होंने अपने-अपने होटल और रेस्त्रां में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन से करीब 3,000 होटल और रेस्त्रां जुड़े हैं। इन होटलों में 5 से 6 प्रतिशत बुकिंग चीनी नागरिकों की होती है। एसोसएिशन ने कैट को लिखे पत्र में कहा है कि हमने कैट के अभियान को समर्थन करने का निर्णय किया है। इसके तहत हमने अपने होटलों और रेस्त्रां में चीनी सामान के बहिष्कार का फैसला किया है। यानी हम कोई भी चीनी सामान का उपयोग नहीं करेंगे।
संगठन ने यह भी कहा कि उसने किसी भी चीनी नागरिक को कमरा नहीं देने का निर्णय किया है। इसके अलावा एसोसिएशन अन्य राज्यों में भी होटल संगठनों से संपर्क कर इस प्रकार का निर्णय लेने की अपील करेगा।
इस बीच, कैट ने कहा कि अपने अभियान में किसानों, परिवहन कंपनियों, छोटे उद्योगों, ग्राहकों, उद्यमियों आदि को जोड़ने की कोशिश करेगा और उनसे चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की अपील करेगा।