दिल्ली के अस्पतालों में 160 ऑक्सीजन संयंत्र जल्द शुरू होंगे। इनके जरिए अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति हो सकेगी। बुधवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल को बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न सरकारी और निजी सुविधाओं में 160 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन 160 में से 17 पीएम-केयर के तहत लगाए जा रहे हैं। जबकि 10 संयंत्र केंद्र सरकार के अस्पतालों में और 84 निजी सुविधाओं में स्थापित किए जा रहे हैं।
ऑनलाइन बैठक के दौरान ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना पर काम की स्थिति और प्रगति की समीक्षा करते हुए एलजी अनिल बैजल के अलावा स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और अन्य अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार एलजी ने स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए दोहराया कि पिछली लहर के दौरान जिस स्थिति का सामना करना पड़ा, उसे दोहराया नहीं जाना चाहिए।बैठक के दौरान बताया कि दिल्ली के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में 148.11 मीट्रिक टन क्षमता वाले ऐसे 160 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।
उपराज्यपाल ने पूछा कि क्या स्थापित किए जा रहे 160 संयंत्रों का आंकड़ा मानक
या मांग पर आधारित था, या आपूर्ति की कमी से सीमित था? इस पर बताया गया कि यह आंकड़ा अस्पतालों द्वारा लगभग 150 मीट्रिक टन (मीट्रिक टन) की आवश्यकताओं पर आधारित था। दरअसल अप्रैल-मई के दौरान विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी के चलते लोगों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा था। बैठक में बताया गया कि 160 में से 36 संयंत्र दिल्ली सरकार के अस्पतालों में चालू हो चुके हैं। जबकि 27 अन्य संयंत्र आगामी 31अगस्त तक चालू हो जाने की उम्मीद है। शेष तीन संयंत्रों के 30 सितंबर तक आने की उम्मीद है। इनके अलावा आगामी 15 अक्तूबर तक इनका काम पूरा हो जाएगा। इसी तरह केंद्र द्वारा संचालित अस्पतालों में 10 में से छह पहले ही चालू हो चुके हैं। शेष चार को 15 अगस्त तक चालू किया जाना है। निजी अस्पतालों को लेकर बताया कि 84 में से 37 संयंत्र शुरू हो चुके हैं। जबकि अन्य संयंत्र शुरू करने पर काम चल रहा है।