विधानसभा में बजट चर्चा को लेकर बुधवार को अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बीच पत्रों के माध्यम से आरोपों का दौर चला। आतिशी ने विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत न करने और बजट पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय न देने पर सवाल उठाए, जबकि विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिए।
आतिशी ने पत्र में कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में पिछली सरकार की ओर से किए गए कार्यों का विवरण होता है, जिसमें दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और सरकारी खजाने में बढ़ोतरी जैसी बातें दर्ज होती हैं। नई सरकार इस रिपोर्ट को सदन में पेश नहीं करना चाहती, इसलिए बिना इसे प्रस्तुत किए ही बजट पेश कर दिया गया। बजट पर चर्चा के लिए सिर्फ एक घंटे का समय दिया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विपरीत है।
उधर, विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को असत्य और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बजट पर 27 मार्च तक विस्तृत चर्चा होगी व सभी विधायकों को बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष के सदस्य भी शामिल थे और यह तय किया गया था कि सभी सदस्यों को पार्टी की सदस्य संख्या के अनुसार समान रूप से बोलने का मौका मिलेगा।