देश के विश्वविद्यालयों में लोकपाल की नियुक्ति संबंधी आदेश का पालन न होने पर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) व दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस बाबत हाईकोर्ट में अदालती अवमानना की याचिका दायर की गई है।
जस्टिस वीके राव ने यूजीसी व डीयू को नोटिस जारी कर याचिका पर सुनवाई के लिये 14 मई की तारीख तय की है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में लोकपाल की नियुक्ति के लिये चार माह के भीतर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिल्ली विश्वविद्यालय को दिया था।
आयोग के नियमों में लोकपाल की नियुक्ति का प्रावधान है। पेश अवमानना याचिका विधि स्नातक बृजेश सिंह ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि आयोग व विश्वविद्यालय ने जानबूझकर कर हाईकोर्ट के तीन फरवरी 2017 के आदेश का पालन नहीं किया है।
कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि अगर लोकपाल की नियुक्ति नहीं होगी तो इस पूरी व्यवस्था का औचित्य ही खत्म हो जायेगा। कोर्ट ने यह प्रतिक्रिया पूर्व छात्र की याचिका का निबटारा करते हुये दी थी।
आयोग के नियमों के मुताबिक लोकपाल एक पार्ट टाइम अधिकारी होगा जिसकी नियुक्ति तीन साल या उसकी आयु 70 साल होने तक किया जा सकता है।