दिल्ली हाईकोर्ट में आज एक याचिका डालकर तब्लीगी जमात से जुड़े सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की अपील की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन लोगों को क्वारंटीन के नाम पर हिरास्त में लिए 35 दिन से ज्यादा हो गए हैं, ऐसे में अब इन्हें रिहा किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट इस मामले पर शुक्रवार को अगली सुनवाई करेगा।
तब्लीगी जमात से जुड़ी एक और याचिका पर 28 मई को होनी है सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से करवाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 28 मई तक टाल दी है। बुधवार को इस याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने याचिका का विरोध किया था। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए इस याचिका पर सुनवाई की।
इस बीच दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा और वकील चैतन्य गोसैन ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच सही तरीके से और निष्पक्ष रूप से कर रही है। इसके साथ उन्होंने कहा कि याची के पास इस याचिका को दायर करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है।
इसके बाद पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि इस मामले की जांच एनआईए से करवाने के लिए वह अपनी याचिका के समर्थन में अपना जवाब दायर करें। इसके साथ ही पीठ ने मामले की सुनवाई को 28 मई के लिए स्थगित कर दिया।