हाईकोर्ट ने 30 साल से भारत में रह रही व एक भारतीय से विवाहित पाकिस्तानी महिला की नागरिकता के आवेदन पर विचार करने का आदेश केंद्र सरकार को दिया है। याचिका का निपटारा होने तक उसका वीजा बढ़ाने का आदेश भी सरकार को दिया गया है।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने महिला की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि यह महिला उस समय से भारत में है जब वह महज 6 माह की थी। महिला ने अपनी याचिका में कहा है कि उसकी मां भारत की नागरिक थी। उसने 28 फरवरी 1986 को एक पाकिस्तानी से विवाह किया और वहां चली गईं। इसके बाद उसे पाकिस्तानी वीजा दिया गया था।
याची महविश फारुक ने कहा है कि उसका जन्म तीन अगस्त 1988 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। पति के साथ मतभेद होने के कारण उसकी मां दो फरवरी 1989 को भारत वापस आ गई थी। उस समय उसकी आयु छह माह थी। उसके माता-पिता की शादी 31 अगस्त 1991 को टूट गई थी और इसके बाद उसकी मां ने 21 जुलाई 1997 को भारतीय नागरिक के तौर पर अपना पंजीकरण करवाया था। याची ने अपनी शिक्षा भारत में पूरी की और 2017 में एक भारतीय नागरिक से शादी की थी।