अदालत ने चौटाला को अदालत की इजाजत के बिना विदेश जाने पर रोक लगा दी है। चौटाला को निचली अदालत ने मई 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) (ई) के साथ पठित 13 (2) के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया था। अदालत ने चौटाला को चार वर्ष कैद की सजा के अलावा उन पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
चौटाला के खिलाफ 2005 में सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किया गया था और 26 मार्च, 2010 में आरोप पत्र दायर किया गया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 1993 से 2006 के बीच 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय से बहुत अधिक है।
चोटाला ने सजा के खिलाफ अपील के अलावा जेल में काटी गई अवधि को आधार बनाते हुए अपनी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर की थी।