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DU के छात्र व विदेशी महिला की शादी पर शक!

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राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे पढ़कर आपको हैरानी जरूर होगी। बात है दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक इक्कीस साल के छात्र के प्रेम और शादी की जिसे सरकार और दिल्ली हाईकोर्ट दोनों की सहमति और निगरानी से गुजरना होगा।
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आप सोच रहे होंगे कि इस शादी में ऐसा क्या है जो कोर्ट और सरकार दोनों इस पर आपत्ति जता रहे हैं। दरअसल डीयू का छात्र हृदयनाथ 68 साल की एक विदेशी वृ्द्ध महिला से शादी करना चाहता है।

बता दें कि हृदयनाथ इस वक्त अपनी 68 वर्षीय पत्नी जोन पामेला गुल्विन के साथ रह रहा है। बता दें कि पामेला की वीजा की मियाद खत्म होने वाली है जिसके लिए उसने विदेश मंत्रालय से विनती की है कि उसके वीजा की मियाद बढ़ा दी जाए। कोर्ट को शक है कि इस बेमेल शादी के पीछे कोई गलत मंशा छिपी है।
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वीजा की मियाद खत्म होने पर हुआ सारा बवाल

इस दंपति के वकील अतुल चौबे के अनुसार दोनों दो साल पहले ऑनलाइन मिले थे। गुल्विन जो एक ब्रिटिश नागरिक है और पिछले साल भारत आई थी। तब कुछ महीने भारत में रहने के बाद वो इस साल अप्रैल में वापस लौट गई।

डीयू छात्र इस साल अगस्त में 21 साल का हुआ तब दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने की ‌प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि देर तब हुई जब दोनों मैरिज रजिस्टर करने के लिए गए और पुलिस वैरिफिकेशन में समस्या आने लगी और गुल्विन के वीजा की मियाद केवल 7 अक्टूबर तक थी।

इसके बाद ये दंपति 6 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट गया और विदेश मंत्रालय से गुल्विन के वीजा की मियाद बढ़ाने का आग्रह किया ताकि दोनों की मैरिज ‌रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो सके।

कोर्ट को है इस बड़े खतरे की आशंका

इस दंपति की याचिका के अनुसार जैसे ही हृदयनाथ ने शादी की वैधानिक उम्र पार कर ली वो दोनों जल्द से जल्द शादी कर लेना चाहते थे। लेकिन उनकी शादी स्पेशल मैरिज एक्ट में रजिस्टर नहीं हो पाई क्योंकि पुलिस वेरिफिकेशन में काफी देर हो गई।

वहीं महिला की वीजा की मियाद इसलिए नहीं बढाई जा सकती क्योंकि दंपति के पास शादी का कोई वैधानिक सर्टिफिकेट नहीं है। दूसरी तरफ कोर्ट को तो इस शादी में ही कुछ संदेह दिखाई दे रहा है। कोर्ट सुनवाई के दौरान जज आरएस एंडलॉ ने शादी में उम्र के फासले को ही काफी संदेहास्पद माना है।

कोर्ट ने अपनी सुनवाई में ये भी पूछा कि क्या गुल्विन इससे पहले भी किसी भारतीय से शादी कर चुकी है क्योंकि अदालत को शक है कि यहां ग्रीन कार्ड हासिल करने और मानव तस्करी का भी मामला हो सकता है।
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कोर्ट ने दिए हैं महिला के बैकग्राउंड के जांच के आदेश

कोर्ट ने अपनी सुनवाई में अब विदेशी महिला को अकेले 2 नवंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने विदेश मंत्रालय और फॉरेन रेजिडेंट्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस को निर्देश दिया है कि दोनों की शादी और इनके बैकग्राउंड की भी जांच की जाए और ये जानकारी गुप्त रखी जाए।

वहीं दंपति के वकील ने बताया कि महिला ने ‌पहले किसी भारतीय से शादी नहीं की है और ना ही वो ब्रिटेन वापस लौटना चाहती है। वकील ने ये भी कहा कि महिला अपने पति के साथ दिल्ली में ही रहना चाहती है जिसने अपने गोरखपुर के परिवार से सारे‌ रिश्ते तोड़ दिए हैं और शादी के काफी हफ्ते पहले से ही महिला के साथ रह रहा है।

दंपति के वकील ने कहा कि हालांक‌ि कोर्ट जो शंकाएं जता रही है वो सही नहीं है ‌लेकिन हमें जो चाहिए था वो मिल गया। हम चाहते थे कि गुल्विन को भारत में रुकने को मिल जाए और वो मिल गया है।
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