दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और स्थानीय निकायों को उन अधिकारियों के नाम देने को कहा है जो इस साल राजधानी में डेंगू व चिकनगुनिया के मामलों को रोकने के लिए जिम्मेदार हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनू मल्होत्रा की खंडपीठ ने कहा कि हमें कौन प्रमाण पत्र देगा कि इस वर्ष डेंगू नहीं होगा, इस अदालत को कौन आश्वस्त करेगा। ऐसे में हमें उन अधिकारियों के नाम चाहिए।
अदालत ने कहा यदि इस वर्ष डेंगू व चिकनगुनिया की बीमारी फैली तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम यहां लोगों के जीवन की बात कर रहे हैं। क्या आप 21वीं सदी की दिल्ली को मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू जैसी बीमारियों से मुक्त नहीं बना सकते हैं?
खंडपीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वातानुकूलित कमरे में बैठकर स्थिति रिपोर्ट पेश न करें, वे इलाकों में जाए और शारीरिक तौर पर निगरानी भी करें।