दिल्ली उच्च न्यायालय ने बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण करने पर दिल्ली सरकार व उत्तरी दिल्ली एमसीडी को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा आप उपयोगकर्ताओं की जिंदगी खतरे में डाल रहे है।
मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की खंडपीठ ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा यह अविश्वसनीय है, आप ऐसा कैसे कर सकते हैं।
खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा क्या आपके पास विशेषज्ञ नहीं है जो आपकी सहायता कर सकता था। क्या दिल्ली के लिए कोई बिल्डिंग उप-नियम है या नहीं। अदालत ने मामले की सुनवाई 18 मई तय करते हुए एमसीडी को बन रहे मूत्रालय की योजना रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।