नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उपहार त्रासदी पीड़ितों के संगठन (एवीयूटी) से व्यवसायी सुशील अंसल द्वारा दायर एक आवेदन पर जवाब मांगा। यह आवेदन उनके पासपोर्ट नवीनीकरण से संबंधित कथित धोखाधड़ी के मामले में दायर किया गया है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा के समक्ष दायर इस याचिका में एक निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें एवीयूटी को अभियोजन पक्ष की सहायता करने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, कोर्ट ने मुकदमे पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया और एवीयूटी को नोटिस जारी करते हुए 25 नवंबर, 2025 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। ब्यूरो