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'उदयपुर फाइल्स' विवाद: दिल्ली HC में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी पर हुई चर्चा, पक्षकारों से मांगा स्पष्टीकरण

Thu, 10 Jul 2025 03:00 PM IST
श्याम जी. पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'उदयपुर फाइल्स' फिल्म की रिलीज पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी को लेकर पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा। फिल्म कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है। यह फिल्म 11 जुलाई को रिलीज होने वाली है।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज से संबंधित मामले में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों पर पक्षकारों से स्पष्टीकरण मांगा। यह फिल्म 11 जुलाई को रिलीज होने वाली है। 

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सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने बुधवार को फिल्म की स्क्रीनिंग को चुनौती देने वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पीठ ने मौखिक रूप से कहा, 'फिल्म को रिलीज होने दें।' यह टिप्पणी तब आई जब हत्या के मामले में एक आरोपी के वकील ने दलील दी कि फिल्म की रिलीज से चल रहे मुकदमे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्देश
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की खंडपीठ ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला देते हुए वकीलों से पूछा कि क्या सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज की अनुमति दी है। पीठ ने कहा, 'हमने समाचार पत्रों में पढ़ा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में था, जिसे यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि 'स्क्रीनिंग जारी रहने दीजिए'। उच्च न्यायालय ने बुधवार को फिल्म के निर्माता को निर्देश दिया था कि वे याचिकाकर्ताओं, जो फिल्म पर प्रतिबंध चाहते हैं, के लिए इसकी स्क्रीनिंग की व्यवस्था करें।
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याचिकाकर्ताओं की दलील
फिल्म पर प्रतिबंध की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष केवल मामले को सूचीबद्ध करने का अनुरोध था, न कि रिलीज पर स्थगन का। सिब्बल ने स्पष्टीकरण के लिए समय मांगते हुए कहा, 'उल्लेख को अस्वीकार किया गया, स्थगन का अनुरोध नहीं। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की फाइल भी नहीं देखी।'  

कन्हैया लाल हत्याकांड
जून 2022 में उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की कथित तौर पर मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने हत्या कर दी थी। हमलावरों ने बाद में एक वीडियो जारी कर दावा किया कि यह हत्या पूर्व भाजपा नेता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणियों के समर्थन में कन्हैया लाल की सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में की गई थी।

एनआईए की जांच 
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच की और आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया। यह मुकदमा वर्तमान में जयपुर की विशेष एनआईए अदालत में लंबित है।

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