दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को आदेश दिया कि दक्षिण दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर फिटजी और आईआईटी दिल्ली के बीच कोई संबंध नहीं होने की सूचना पट लगवाए ताकि गलतफहमी से लोगों को बचाया जा सके।
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि डीएमआरसी अपने मेट्रो स्टेशनों पर यह सूचना पट जल्द लगवाए, जिसमें साफ हो सके कि फिटजी कोचिंग सेंटर का आईआईटी दिल्ली से कोई लेनादेना नहीं है। इस संबंध में दायर याचिका में मांग की गई थी फिटजी का नाम मेट्रो स्टेशन के नाम से जोड़कर दिखाने से आईआईटी की साख प्रभावित हो रही है, लिहाजा फिटजी का नाम मेट्रो स्टेशन से हटाया जाए।
कोर्ट ने स्टेशन का नाम फिटजी आईआईटी रखने पर फटकार लगाते हुए कहा कि इस संबंध में डीएमआरसी द्वारा पहले कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। कोर्ट ने कहा इस स्टेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया के समय यह तय होना चाहिए कि फिटजी का आईआईटी दिल्ली से कोई संबंध नहीं है। साउथ दिल्ली के इस स्टेशन का नाम फिटजी आईआईटी है। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि किसी भी गलत तरीके से को-ब्रांडिग के जरिए गलत प्रजेंटेशन नहीं किया जा सकता।
वहीं, डीएमआरसी ने दलील दी कि टेंडर का विज्ञापन देने का काम एक विज्ञापन फर्म को दिया गया था। इसपर कोर्ट ने कहा कि को-ब्रांडिंग का करने का अधिकार तो डीएमआरसी के पास ही था। हालांकि कोर्ट के आदेशानुसार डीएमआरसी ने मेट्रो स्टेशन फिटजी और आईआईटी दिल्ली के बीच कोई संबंध न होने की सूचना लगाने की बात स्वीकार कर ली।