व्हाट्सएप, टेलीग्राम धोखाधड़ी वाले अकाउंट को ब्लॉक करें : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और टेलीग्राम को उन सभी समूहों/सामुदायिक समूहों और अकाउंट/चैनलों को हटाने का आदेश दिया है जो उद्यम पूंजी फर्म सिकोइया कैपिटल के ट्रेडमार्क का दुरुपयोग करके लोगों को धोखा दे रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया मुख्यालय वाला सिकोइया कैपिटल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्रिप्टोकरेंसी, हेल्थकेयर, फिनटेक, ई-कॉमर्स, एडटेक और टेलीकॉम जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश सेवाएं प्रदान करता है। जस्टिस संजीव नरूला ने आदेश में कहा इन अकाउंट और चैनलों का इस्तेमाल लोगों को धोखा देने के लिए किया जा रहा है। यदि आदेश पारित नहीं किया गया तो सिकोइया को अपूरणीय क्षति होगी। अदालत ने मेटा प्लेटफॉर्म इंक को वादी (सिकोइया कैपिटल) की ओर से उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबरों के व्हाट्सएप अकाउंट को हटाने, ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। मेटा को जॉन एनालिस्ट ग्रुप-303 या इसके ग्रुप एडमिन के फोन नंबरों से बनाए गए, संचालित किए जाने वाले अन्य किसी ग्रुप, सामुदायिक ग्रुप को भी हटाना पड़ेगा जो वादी के ट्रेडमार्क का दुरुपयोग कर रहे हैं।
ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत रिक्त सीटों को अगले साल समायोजित किया जाए : कोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी साल ईडब्ल्यूएस या डीजी कोटे के तहत 25 फीसदी आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों से निजी स्कूलों का सीट नहीं भरी जाती है तो रिक्त सीटों को अगले साल सामंजस्य करने से कानून रोकता नहीं है। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम या किसी अन्य कानूनी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करता है।
न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने कहा कि 25 फीसदी सीटों पर ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के छात्रों का प्रति वर्ष नामांकन करना सभी निजी स्कूलों का वैधानिक दायित्व है। यह आरटीई अधिनियम की धारा 2 (एन) (1) के अंतर्गत आता है। यदि कोई स्कूल निर्धारित संख्या में छात्रों का नामांकन नहीं करता है तो उससे अगले साल उच्च कक्षा में घाटे को पूरा करने का निर्देश देने में कुछ गैर कानूनी नहीं है।