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दिल्ली विधानसभा दो दिवसीय शरदकालीन सत्र पर रोक से हाईकोट ने किया इंकार

Wed, 18 Jan 2017 05:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली विधानसभा
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हाईकोर्ट ने दिल्ली विधानसभा के वर्तमान में चल रहे दो दिवसीय शीतकालीन सत्र पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सत्र बुलाने का स्पीकर का विशेषाधिकार है, अदालत कैसे इसमें हस्तक्षेप कर सकती हैं। अदालत ने फिलहाल याचिका पर सुनवाई का निर्णय किया है।
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न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की खंडपीठ के समक्ष याची के अधिवक्ता आरपी लूथरा ने तर्क रखा कि इस याचिका पर तुरंत सुनवाई कर दो दिवसीय सत्र को गैरकानूनी व अमान्य करार दिया जाए।

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा को संबोधित करने के उपराज्यपाल को आमंत्रित नहीं करके दिल्ली सरकार ने उनका अपमान किया है। ऐसे में सत्र असंवैधानिक है। 
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खंडपीठ ने मामले पर तुरंत सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि आप उचित तरीके से याचिका दायर करे और वे कल (बृहस्पतिवार) को मामले की सुनवाई करेंगे।
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'सरकार तय नियमों का उल्लंघन कर रही है'

दिल्ली विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
याचिकाकर्ता ने तर्क रखा है कि नियम निर्धारित है कि हर साल के पहले सत्र के प्रारंभ में उपराज्यपाल हाउस को संबोधित करेंगे। यह नियम दिल्ली विधानसभा के गठन के बाद से लागू है, लेकिन वर्तमान सरकार नियमों को दरकिनार करने में लगी है।

विधानसभा के चल रहे चौथे सत्र के छठे खंड के दौरान कल विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने भी नए उपराज्यपाल अनिल बैजल को आमंत्रित नहीं करने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार तय नियमों का उल्लंघन व  दुरुपयोग कर रही है।

याची ने दिल्ली विधानसभा रूल की धारा 19 (1) का हवाला देते हुए कहा इसमें स्पष्ट है कि प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र के प्रारंभ में उपराज्यपाल सदन को संबोधित करेंगे। वर्तमान सरकार नियमों को दरकिनार कर रही है।
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