हाईकोर्ट ने दिल्ली विधानसभा के वर्तमान में चल रहे दो दिवसीय शीतकालीन सत्र पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सत्र बुलाने का स्पीकर का विशेषाधिकार है, अदालत कैसे इसमें हस्तक्षेप कर सकती हैं। अदालत ने फिलहाल याचिका पर सुनवाई का निर्णय किया है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की खंडपीठ के समक्ष याची के अधिवक्ता आरपी लूथरा ने तर्क रखा कि इस याचिका पर तुरंत सुनवाई कर दो दिवसीय सत्र को गैरकानूनी व अमान्य करार दिया जाए।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा को संबोधित करने के उपराज्यपाल को आमंत्रित नहीं करके दिल्ली सरकार ने उनका अपमान किया है। ऐसे में सत्र असंवैधानिक है।
खंडपीठ ने मामले पर तुरंत सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि आप उचित तरीके से याचिका दायर करे और वे कल (बृहस्पतिवार) को मामले की सुनवाई करेंगे।