दिल्ली हाईकोर्ट की इसी पीठ ने जामिया हिंसा मामले में भाजपा नेता की एक अर्जी पर कोई आदेश तत्काल जारी करने से भी इनकार कर दिया। इसमें भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने कहा था कि इस हिंसा की वजह से करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है और इसकी भरपाई इसके जिम्मेदार लोगों से की जानी चाहिए।
इसके अलावा देश में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश देने की मांग करने वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को दायर की गई। एक याचिकाकर्ता पुनीत कुमार ढांडा ने कहा कि नागरिकता कानून के नाम पर झूठ और अफवाह फैला रहे राजनीतिक दलों के पहचान और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया जाना चाहिए।
बता दें कि 15 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जामिया नगर में जमकर हिंसा हुई थी। इस हिंसा में कई वाहनों एवं सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। प्रदर्शकारी में जामिया के छात्र भी शामिल थे।