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दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, सजा के रूप में दान करनी होंगी पीपीई किट

Sun, 28 Jun 2020 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
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दक्षिणी दिल्ली में अवैध निर्माण पर एसडीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे बिल्डर को 250 पीपीई किट सरकारी अस्पताल और श्मशान घाट में दान करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही एक अन्य मामले में कोचिंग सेंटर में लगे बिजली मीटरों के कनेक्शन जोड़ने की अनुमति मांगने वाले शख्स को 25 पीपीई किट श्मशान घाट में दान करने का निर्देश दिया।

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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ ने एक निजी निर्माण कंपनी की ओर से दक्षिणी दिल्ली में एसडीएमसी द्वारा सील की गई दो संपत्तियों को बहाल करने की मांग करने वाली याचिका पर निर्देश दिया कि अगर संपत्ति से सील हटवाना चाहते हैं, तो उन्हें 250 पीपीई किट सरकारी अस्पतालों और श्मशान घाट में दान करनी होंगी। इसके लिए पीठ ने बिल्डर को चार सप्ताह का समय दिया।

याची ने निगम की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि इससे पहले एसडीएमसी ने बिल्डर को अवैध निर्माण को खुद हटाने का मौका दिया था, लेकिन उसने निगम के निर्देशों का पालन नहीं किया। याचिका में बिल्डर ने दावा किया कि उसने निगम के निर्देशों का पालन किया है। हालांकि बिल्डर ने संपत्तियां सील होने के बाद कोर्ट से दोबारा अवैध निर्माण को खुद हटाने की अनुमति मांगी है।
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दूसरे मामले में न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से काटे गए 20 बिजली कनेक्शनों को जोड़ने की अनुमति देने के लिए याचिकाकर्ता को आईसीएमआर स्वीकृत 25 पीपीई किट्स नेब सराय श्मशान घाट और हौजरानी कब्रिस्तान में दान करने का निर्देश दिया। इस निर्देश के साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता को बिजली के बिल के भुगतान की अनुमति दे दी।

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