दिल्ली उच्च न्यायालय ने इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को थैलेसीमिया से पीड़ित एक छात्र को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति इन्द्रमीत कौर ने यह निर्देश रक्त विकार से पीड़ित छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।
छात्र ने तर्क रखा था कि कानून के तहत थैलेसीमिया बीमारी मान्यता प्राप्त विकलांगता में से एक है और विकलांग व्यक्तियों को पीडब्ल्यूडी श्रेणी के तहत दाखिले से इनकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा याचिकाकर्ता छात्र राहत पाने का हकदार हैं। वह विश्वविद्यालय को अपने तीन कॉलेजों में उसे एमबीबीएस कोर्स में दाखिले का निर्देश देती है। अदालत ने कहा कि यह एक ऐसे उम्मीदवार का मामला था, जिसे अकेले पीडब्ल्यूडी श्रेणी में प्रवेश के अधिकार से वंचित रखा गया था।