यौन उत्पीड़न के आरोपी जेएनयू के प्रोफेसर अतुल जौहरी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल का वार्डन नहीं बनाया जाए जहां महिलाएं हों। साथ ही फैक्ट फाइंडिंग कमिटी को जौहरी के निलंबन पर फैसला करने को भी कहा है।
बता दें कि छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने जौहरी के खिलाफ 8 मुकदमे दर्ज किए हुए हैं। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, लेकिन कुछ ही घंटों के बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से स्थायी अधिवक्ता सत्यकाम ने कोर्ट को बताया था कि प्रोफेसर पर 16 व 19 मार्च को आठ छात्राओं ने एफआईआर दर्ज करवाई थीं। इन छात्राओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाकर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
निचली अदालत ने इन सभी मामलों में एक साथ 21 मार्च को जौहरी को जमानत प्रदान कर दी थी। कोर्ट ने इन बयानों की कॉपी वीसी को भेजने का निर्देश दिया है ताकि वह इस मामले में कार्रवाई पर विचार कर सकें।
यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रो. अतुल जौहरी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर छात्रसंघ ने हंगामा भी किया था। छात्र-छात्राओं ने वसंत कुंज थाने के बाहर भी उग्र प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच धक्कामुक्की और हाथापाई भी हुई थी।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस की बैरिकेड को गिरा दिया था। छात्रों की मांग थी कि सभी नौ शिकायतों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जाए। जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे धरने पर बैठ गए। जेएनयू कैंपस में स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के छात्र विश्वविद्यालय प्रबंधन के समक्ष आरोपी प्रो. को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे।