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दिव्यांगों-बीमारों की हज यात्रा पर रोक में कमेटी सीईओ तलब, हाईकोर्ट ने कहा, रुख साफ करे कमेटी

Thu, 06 Sep 2018 08:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हज यात्री
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हाईकोर्ट ने दिव्यांगों और बीमार लोगों की हज यात्रा पर रोक लगाने वाली नीति पर रुख साफ करने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एमए खान को एक नवंबर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। कमेटी ने इन लोगों के हज यात्रा करने पर हज नीति 2018-20 के तहत रोक लगा दी है।

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मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने नोटिस के बाद भी किसी अधिकारी के पेश न होने पर कड़ी नाराजगी जताई और सीईओ को तलब किया। कोर्ट ने यह नोटिस अधिवक्ता गौरव बंसल की जनहित याचिका पर जारी किया था। इस याचिका में दिव्यांगों की हज यात्रा पर रोक लगाने के प्रावधान को रद्द करने की मांग की गई है। खंडपीठ ने अल्पसंख्यक मंत्रालय के सचिव को कमेटी के सीईओ को अतिरिक्त नोटिस देने का निर्देश दिया है। सीईओ के पेश न होने पर कोर्ट ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कोर्ट ने याचिका पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा हज कमेटी ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में कहा गया है यह प्रावधान संविधान में दिए गए समानता व धर्म के अधिकार का उल्लंघन है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने हलफनामे में कहा कि दिव्यांगों की हज यात्रा पर रोक पिछले 30 साल से चल रही नीति का हिस्सा है। हज यात्रा में शारीरिक शक्ति व श्रम की जरूरत होती है। सऊदी अरब में भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध है, जबकि कई दिव्यांग वहां जाकर भीख मांगने लगते हैं। दूसरी ओर, मंत्रालय दिव्यांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और हज कमेटी को इस मुद्दे पर विचार करने व जरूरी संशोधन करने के लिए कहा गया है।

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