न्यायमूर्ति अनूप जयराम भांभानी ने कहा अदालत भविष्यवक्ता नहीं बन सकती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार से संबंधित कथित मानहानिकारक रिपोर्टों को प्रकाशित करने से ऑनलाइन न्यूज पोर्टल द वायर पर लगाई गई अंतरिम रोक को वापस ले लिया। अदालत ने कहा कि अदालतें भविष्य में प्रकाशित होने वाली खबरों के बारे में अनुमान लगाकर रोक नहीं लगा सकतीं। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भांभानी की एकलपीठ ने कहा, अदालतें सूतक की भूमिका नहीं निभा सकतीं। किसी लेखक या प्रकाशक द्वारा भविष्य में क्या प्रकाशित किया जाएगा, यह मानते हुए कि वह मानहानिकारक होगा, अत्यधिक काल्पनिक और पूर्वधारणा पर आधारित है। इससे पहले कि कोई सामग्री सार्वजनिक हो, उसे रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी लेखक या प्रकाशक की भविष्य की प्रकाशनों को पिछले लेखों के आधार पर मानहानिकारक मानकर रोक लगाना कानूनन संभव नहीं है।