उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद की अंतरिम जमानत याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी किया है। राशिद ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत मांगी है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति शालिन्दर कौर की पीठ ने एनआईए से जवाब मांगा है। मामले में जवाब और सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय की है।
राशिद ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत देने से इन्कार करने वाले आदेश को रद्द करने की मांग की है। विशेष एनआईए अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, उन्हें कस्टडी पैरोल दे दी गई थी। पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष एनआईए कोर्ट ने राशिद को 24 जुलाई से 4 अगस्त तक कस्टडी पैरोल दी है। कोर्ट ने यह कस्टडी पैरोल संसद सत्र के दौरान दी है। साथ ही, राशिद को खर्च वहन करने और अन्य शर्तों का पालन करने को कहा है।
ऐसे में राशिद की ओर से दलील दी गई कि हिरासत पैरोल सीमित अवधि के लिए दी गई थी। अगर उन्हें अंतरिम जमानत नहीं मिलती है, तो उन्हें संसद के मानसून सत्र में भाग लेने के लिए 23 जुलाई से 21 अगस्त तक हिरासत पैरोल दी जा सकती है। साथ ही, उन्होंने यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए खर्च वहन करने के आदेश को रद्द करने का भी निर्देश देने की मांग की है।
वहीं, एनआईए ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अंतरिम आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। अगर उन्हें हिरासत में पेश होने की अनुमति दी जाती है, तो उन्हें यात्रा खर्च का भुगतान करना होगा। इस पर राशिद के वकीलों ने यात्रा व्यय का भुगतान करने का विरोध किया। क्योंकि, वह संसद में अपने सार्वजनिक कर्तव्य के रूप में उपस्थित होना चाहते हैं, न कि किसी निजी कार्य के लिए। इसके अलावा इससे पहले भी रशीद को संसद सत्र में उपस्थित होने और शपथ लेने की अनुमति दी गई थी।