हाईकोर्ट द्वारा गठित न्यायमूर्ति अनिल देव सिंह कमेटी ने सरकार से सस्ती दरों पर भूमि लेने वाले 1169 स्कूलों विस्तृत जांच के बाद पेश रिपोर्ट में कहा था कि इन 575 स्कूलों ने छठे वेतन आयोग के नाम पर बच्चों से फीस बढ़ा कर वसूली लेकिन उसका फायदा टीचरों को नहीं दिया।
इसके अलावा इन स्कूलों के पास पर्याप्त फंड है और फीस बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। ऐसे में इन स्कूलों से वसूली गई फीस लेकर अभिभावकों को वापस कराई जाए। अदालत ने सरकार को इन सभी स्कूलों से फीस वसूलने का निर्देश दिया था।
हालांकि पहले सरकार ने चुप्पी साध ली थी लेकिन अब सरकार ने फीस वापस करने के लिए नोटिस जारी किया है। अब सरकार ने इन सभी स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी कर फीस वापस करने वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।