भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी को एक महिला का यौन शोषण करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अधिकारी को इस मामले में निलंबित किया जा चुका है।
जस्टिस योगेश खन्ना की पीठ ने आरोपी को ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए कहा कि आरोपी को अगली कार्यवाही के लिए 28 अक्तूबर 2022 तक पोर्टब्लेयर कोर्ट में याचिका दायर करनी होगी। आरोपी को उसी दिन तक गिरफ्तारी से राहत मिलेगी। कोर्ट ने इस स्तर पर मामला किसी भी पक्ष को प्रभावित कर सकता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में यौन शोषण के आरोप लगने के बाद अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नरायन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। AGMUT कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी नरायन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
जितेंद्र नरायन ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने 20 अप्रैल 2022 को एक आदेश देते हुए एक जूनियर इंजीनियर को किसी गलती पर छोटा सा जुर्माना लगा दिया था। कहा गया कि इसके बाद उपराज्यपाल ने बाद में उस जेई को 15 जनवरी 2022 को नौकरी से हटा दिया। उसी जेई की पुत्रवधु ने आईएएस अधिकारी पर मुकदमा दर्ज कराया।